लखनऊ / हरदोई | उत्तर प्रदेश के बुनियादी ढांचे के इतिहास में आज का दिन स्वर्ण अक्षरों में दर्ज हो गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को हरदोई में प्रदेश के सबसे बड़े ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट 'गंगा एक्सप्रेसवे' का उद्घाटन कर इसे राष्ट्र को समर्पित किया। मात्र 3.5 साल के रिकॉर्ड समय में तैयार हुआ यह 594 किलोमीटर लंबा एक्सप्रेसवे अब पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश के बीच की दूरी को पाटकर विकास का नया गलियारा बनेगा।
सफर में बचत: 11 घंटे की दूरी अब मात्र 6 घंटे में
गंगा एक्सप्रेसवे मेरठ को प्रयागराज से सीधे जोड़ता है। इसके शुरू होने से सबसे बड़ा लाभ समय की बचत के रूप में मिलेगा। पहले मेरठ से प्रयागराज पहुंचने में जहाँ 11 से 12 घंटे लगते थे, वहीं अब यह सफर लगभग 6 घंटे में पूरा हो सकेगा। यह एक्सप्रेसवे न केवल शहरों को जोड़ रहा है, बल्कि व्यापार, स्वास्थ्य और शिक्षा की पहुंच को भी सुगम बना रहा है।
रणनीतिक मजबूती: शाहजहांपुर में 'इमरजेंसी एयरस्ट्रिप'
सुरक्षा और रणनीतिक दृष्टि से भी यह एक्सप्रेसवे बेहद महत्वपूर्ण है। शाहजहांपुर जिले में 3.5 किलोमीटर लंबी एक विशेष हवाई पट्टी (इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी) बनाई गई है। इसका उपयोग आपातकालीन स्थिति में भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमानों की लैंडिंग के लिए किया जा सकेगा, जो इसे देश के सबसे महत्वपूर्ण सामरिक कॉरिडोर में से एक बनाता है।
स्मार्ट और सुरक्षित सफर: AI कैमरों की निगरानी
सड़क सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए इस पूरे कॉरिडोर पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से लैस कैमरा सिस्टम लगाए गए हैं। ये कैमरे न केवल वाहनों की गति पर नजर रखेंगे, बल्कि किसी भी संभावित दुर्घटना की स्थिति में कंट्रोल रूम को 'एडवांस अलर्ट' भी भेजेंगे।
निर्माण की ताकत: 80% हिस्सा अदाणी रोड ट्रांसपोर्ट ने बनाया
इस विशाल परियोजना के निर्माण में तकनीकी कुशलता और श्रमशक्ति का बड़ा योगदान रहा है:
अदाणी रोड ट्रांसपोर्ट लिमिटेड: इस कंपनी ने कुल एलाइनमेंट का लगभग 80% (464 किमी) हिस्सा विकसित किया है।
आईआरबी इंफ्रास्ट्रक्चर (IRB): शेष हिस्से का निर्माण आईआरबी द्वारा किया गया है।
श्रमशक्ति: निर्माण के दौरान 12,000 से अधिक श्रमिकों ने दिन-रात काम कर इसे समय से पहले पूरा करने में योगदान दिया।
अर्थव्यवस्था का बूस्टर: 1 लाख करोड़ का GDP योगदान
उत्तर प्रदेश सरकार के अनुमान के मुताबिक, गंगा एक्सप्रेसवे राज्य की अर्थव्यवस्था के लिए 'गेम चेंजर' साबित होगा:
बचत: हर साल लॉजिस्टिक्स लागत में 25,000 से 30,000 करोड़ रुपये की बचत होगी।
रोजगार: अगले 10 वर्षों में लगभग 3 लाख नए रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
जीडीपी: यह एक्सप्रेसवे राज्य की जीडीपी में 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक का योगदान देगा।
पर्यटन: प्रयागराज और वाराणसी जैसे तीर्थ स्थलों तक पहुंच आसान होने से धार्मिक पर्यटन को भारी बढ़ावा मिलेगा।


