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    Homeराज्यसफलता की कहानी: Karnal की छवि-रिया ने ICSC में किया टॉप

    सफलता की कहानी: Karnal की छवि-रिया ने ICSC में किया टॉप

    ICSE बोर्ड परिणाम: टॉपर्स ने सेल्फ स्टडी से गाड़े सफलता के झंडे, सोशल मीडिया से बनाई दूरी

    नई दिल्ली: ICSE बोर्ड ने 10वीं और 12वीं कक्षा के परीक्षा परिणाम घोषित कर दिए हैं। इस बार की परीक्षाओं में 10वीं में छवि और 12वीं में रिया ने शीर्ष स्थान हासिल कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। सफलता पाने वाले इन होनहारों ने कोचिंग के बजाय 'सेल्फ स्टडी' और बेहतर योजना को अपनी जीत का आधार बताया।

    10वीं की टॉपर छवि: न्यूरोलॉजिस्ट बनने का है सपना

    आरकेपुरम की निवासी छवि ने बिना किसी ट्यूशन के जिले में अपना नाम रोशन किया है। उनके पिता रोडवेज में चालक हैं और मां शिक्षिका हैं। छवि ने अपनी तैयारी के लिए न केवल सोशल मीडिया से दूरी बनाई, बल्कि अपने चाचा की शादी तक में शामिल नहीं हुईं।

    • रणनीति: पिछले 10 वर्षों के प्रश्नपत्र हल किए और रोजाना 'टू-डू लिस्ट' बनाकर पढ़ाई की।

    • उपलब्धि: बायोलॉजी और एसएसटी में 100 में से 100 अंक प्राप्त किए।

    भारती: डे-प्लानिंग से मिली कामयाबी

    मॉडल टाउन की रहने वाली भारती ने भी 10वीं में शानदार प्रदर्शन किया है। पुलिस विभाग में कार्यरत मां और पिता की इस बेटी का लक्ष्य डॉक्टर बनकर समाज सेवा करना है।

    • रणनीति: भारती का मानना है कि रटने के बजाय विषय को समझना जरूरी है। वह सुबह ही अपना डे-प्लान तैयार कर लेती थीं और उसे पूरा करने के बाद ही सोती थीं।

    • उपलब्धि: हिंदी, इतिहास और भूगोल जैसे विषयों में पूरे 100 अंक हासिल किए।

    12वीं की टॉपर रिया: सीए बनने का लक्ष्य

    शक्तिपुरम की रिया कांबोज ने 12वीं में सफलता का परचम लहराया है। एक संयुक्त परिवार से आने वाली रिया ने पारिवारिक कार्यक्रमों और घर के निर्माण कार्य के बावजूद अपनी पढ़ाई को प्रभावित नहीं होने दिया।

    • रणनीति: "आज का काम कल पर न छोड़ना" रिया की सफलता का मूलमंत्र रहा। वह रोजाना 3-4 घंटे की एकाग्र पढ़ाई को पर्याप्त मानती हैं।

    • उपलब्धि: फिजिकल एजुकेशन में 99 और बिजनेस स्टडीज में 96 अंक प्राप्त किए।

    चेतन्य: मुश्किल सवालों को पहले किया हल

    12वीं के छात्र चेतन्य ने कठिन विषयों पर पहले पकड़ बनाई। उन्होंने नीट (NEET) की तैयारी भी शुरू कर दी है और अपने मामा की तरह डॉक्टर बनना चाहते हैं।

    • रणनीति: चेतन्य रात में पढ़ाई करना पसंद करते थे। उनकी बहन ने टाइमटेबल बनाने में मदद की, जबकि स्कूल शिक्षकों ने उन्हें पुराने पेपर हल करने का अभ्यास कराया।

    • उपलब्धि: केमिस्ट्री में 96 और फिजिकल एजुकेशन में 98 अंक मिले।

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