आकाश ने सेना और अर्धसैनिक बलों के साथ किया बड़ा समझौता, मिलेगा शिक्षा सहयोग
अलवर। आकाश एजुकेशनल सर्विसेज़ लिमिटेड ने देशभर के जवानों, पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों को शैक्षणिक सहयोग उपलब्ध कराने के उद्देश्य से भारतीय सेना और प्रमुख अर्धसैनिक बलों के साथ महत्वपूर्ण समझौते किए हैं। इस पहल के तहत सीमा सुरक्षा बल, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल और भारत-तिब्बत सीमा पुलिस के जवानों तथा उनके परिवारों को छात्रवृत्ति, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी, शैक्षणिक मार्गदर्शन और करियर परामर्श जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
संस्था की ओर से बताया गया कि इस योजना का मुख्य उद्देश्य उन परिवारों के बच्चों को बेहतर शिक्षा के अवसर उपलब्ध कराना है, जिन्होंने देश सेवा में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया है। योजना के अंतर्गत सेवारत जवानों, सेवानिवृत्त सैनिकों, वीरता पुरस्कार प्राप्त कर्मियों, दिव्यांग जवानों और शहीद परिवारों के बच्चों को विशेष आर्थिक सहायता और शिक्षण शुल्क में छूट दी जाएगी।
जानकारी के अनुसार शहीद जवानों के बच्चों को केवल पंजीकरण और प्रवेश शुल्क देना होगा, जबकि शिक्षण शुल्क पूरी तरह माफ रहेगा। वहीं गंभीर दिव्यांगता वाले जवानों तथा वीरता पुरस्कार प्राप्त सैनिकों के बच्चों को भी पूर्ण या अधिकतम शुल्क छूट का लाभ मिलेगा। सेवारत और सेवानिवृत्त जवानों के बच्चों के लिए भी अलग-अलग श्रेणियों में छात्रवृत्ति की व्यवस्था की गई है।
संस्था ने भारतीय सेना के साथ-साथ सीमा सुरक्षा बल, केंद्रीय रिज़र्व पुलिस बल और भारत-तिब्बत सीमा पुलिस के परिवारों के लिए भी विशेष सहायता योजनाएं लागू की हैं। इसके तहत चिकित्सा और अभियांत्रिकी प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों को अध्ययन सामग्री, मार्गदर्शन और प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाएगा।
संस्था के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी चंद्र शेखर गरिसा रेड्डी ने कहा कि देश की सुरक्षा में लगे जवानों के परिवारों को शिक्षा के क्षेत्र में हर संभव सहयोग मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह पहल केवल छात्रवृत्ति तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य रक्षा परिवारों के बच्चों को भविष्य के लिए मजबूत शैक्षणिक आधार उपलब्ध कराना भी है।
इस योजना के अंतर्गत विद्यार्थियों को शैक्षणिक मार्गदर्शन, करियर परामर्श, प्रतिभा खोज परीक्षाओं में भागीदारी, अध्ययन मूल्यांकन और देशभर में संचालित शिक्षण केंद्रों तक पहुंच भी उपलब्ध कराई जाएगी। संस्था की ओर से दीर्घकालिक सहायता कार्यक्रम भी चलाए जाएंगे, ताकि विद्यार्थियों को लगातार मार्गदर्शन मिलता रहे।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार की पहल से आर्थिक रूप से कमजोर रक्षा परिवारों के बच्चों को उच्च शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में बड़ी मदद मिलेगी। साथ ही यह कदम देश सेवा करने वाले परिवारों के प्रति सम्मान और सहयोग की भावना को भी मजबूत करेगा।
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