More
    HomeदेशDMK गठबंधन पर सवाल, TVK संग जीत का दावा

    DMK गठबंधन पर सवाल, TVK संग जीत का दावा

    चेन्नई: तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के चौंकाने वाले परिणामों के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है, विशेषकर कांग्रेस खेमे के भीतर गठबंधन की रणनीतियों को लेकर मंथन शुरू हो गया है। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के प्रभारी गिरीश चोडंकर ने मंगलवार को एक बड़ा बयान देते हुए स्वीकार किया कि राज्य में टीवीके की प्रचंड जीत के पीछे कांग्रेस का डीएमके के साथ गठबंधन जारी रखना एक प्रमुख कारण रहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि पार्टी समय रहते अपनी रणनीति बदलती, तो चुनावी नतीजे कुछ और हो सकते थे, लेकिन गठबंधन धर्म की मजबूरी के चलते कांग्रेस को पुराने साथी के साथ ही मैदान में उतरना पड़ा।

    विजय और राहुल गांधी के साथ आने से बदल सकता था गणित

    गिरीश चोडंकर के अनुसार, तमिलनाडु के जमीनी स्तर के नेता और कार्यकर्ताओं का यह सुझाव था कि यदि राहुल गांधी और टीवीके नेता विजय एक साथ मंच साझा करते, तो राज्य में एक अजेय समीकरण बन सकता था। पार्टी के आंतरिक आकलन के मुताबिक, इस संभावित गठबंधन के दम पर कांग्रेस और टीवीके की जोड़ी 180 से 190 सीटों के विशाल आंकड़े तक पहुंच सकती थी। हालांकि, राष्ट्रीय स्तर पर इंडिया ब्लॉक की एकजुटता और डीएमके के साथ पुराने भरोसेमंद रिश्तों को प्राथमिकता देने के कारण कांग्रेस ने जोखिम उठाने के बजाय अपने मौजूदा गठबंधन को ही बरकरार रखने का फैसला किया, जिसका सीधा लाभ नई पार्टी को मिला।

    युवाओं और महिलाओं के रुख ने सत्ता को किया बेदखल

    चुनाव परिणामों का विश्लेषण करते हुए चोडंकर ने बताया कि राज्य में बदलाव की एक जबरदस्त लहर चल रही थी, जिसे समझने में कहीं न कहीं चूक हुई। तमिलनाडु के युवाओं और महिला मतदाताओं ने मौजूदा व्यवस्था के खिलाफ एकतरफा मतदान किया, जिसके परिणामस्वरूप न केवल सत्ता परिवर्तन हुआ बल्कि खुद मुख्यमंत्री को भी अपनी सीट गंवानी पड़ गई। उन्होंने यह भी माना कि कांग्रेस के कई समर्पित कार्यकर्ता और समर्थक इस फैसले से काफी नाराज थे, जिनमें से कई लोगों ने पार्टी का साथ छोड़कर टीवीके का रुख किया और कुछ ने तो उनके टिकट पर चुनाव लड़कर अपनी नाराजगी जाहिर की।

    जनता के जनादेश का सम्मान और भविष्य की रणनीति

    कांग्रेस नेतृत्व ने साफ कर दिया है कि वे तमिलनाडु की जनता द्वारा दिए गए इस स्पष्ट जनादेश का पूरी तरह सम्मान करते हैं और इसमें किसी भी तरह के हेरफेर की कोशिश नहीं की जाएगी। गिरीश चोडंकर ने बताया कि उन्होंने वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों की पूरी रिपोर्ट मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी को सौंप दी है। अब पार्टी आलाकमान राज्य की संस्कृति और विचारधारा को ध्यान में रखते हुए ही भविष्य का कोई भी कदम उठाएगा। कांग्रेस प्रभारी ने इस बात पर जोर दिया कि लोकतंत्र में जनता की आवाज सर्वोपरि है और पार्टी अब एक रचनात्मक विपक्ष की भूमिका निभाने या भविष्य की नई संभावनाओं को तलाशने के लिए तैयार है।

    latest articles

    explore more

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here