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    अवैध क्लिनिकों पर प्रशासन की सख्ती, चलाया जाएगा अभियान

    जालौर: फर्जी डॉक्टरों और अवैध क्लीनिकों पर प्रशासन का प्रहार, शुरू हुआ 'ऑपरेशन शटर डाउन'

    जिले में आमजन के स्वास्थ्य के साथ हो रहे खिलवाड़ को रोकने के लिए जिला प्रशासन ने अब कमर कस ली है। जिला कलेक्टर मुहम्मद जुनेद पी.पी. ने जिलेभर में 'ऑपरेशन शटर डाउन' अभियान चलाने का कड़ा आदेश जारी किया है। इस मुहिम का मुख्य उद्देश्य उन झोलाछाप डॉक्टरों और अवैध क्लीनिकों पर नकेल कसना है, जो बिना किसी वैध डिग्री या पंजीकरण के धड़ल्ले से चिकित्सा केंद्र संचालित कर रहे हैं। प्रशासन को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में फर्जी फार्मेसी, एलोपैथिक केंद्र और अवैध सोनोग्राफी सेंटर चल रहे हैं, जिसके बाद कलेक्टर ने सख्त रुख अपनाते हुए इन संस्थानों को चिन्हित कर तत्काल बंद करने के निर्देश दिए हैं।

    संयुक्त टीमों का गठन और कार्रवाई की कड़ी रूपरेखा

    इस बड़े अभियान को प्रभावी बनाने के लिए प्रशासन ने व्यापक स्तर पर रणनीतिक तैयारी की है। जिला स्तर पर इस पूरी कार्यवाही की कमान अतिरिक्त जिला कलेक्टर को सौंपी गई है, जबकि उपखंड स्तर पर उपखंड अधिकारियों के नेतृत्व में विशेष संयुक्त प्रवर्तन टीमों का गठन किया गया है। इन टीमों में स्वास्थ्य विभाग के खंड मुख्य चिकित्सा अधिकारी, औषधि निरीक्षक, पुलिस बल, राजस्व विभाग के अधिकारी और स्थानीय नगर निकायों के प्रतिनिधियों को शामिल किया गया है। यह संयुक्त दल न केवल क्लीनिकों की वैधता की जांच करेगा, बल्कि मेडिकल स्टोर पर प्रतिबंधित दवाओं की बिक्री और सोनोग्राफी केंद्रों पर पीएनडीटी एक्ट के मानकों की भी बारीकी से पड़ताल करेगा।

    दोषियों पर एफआईआर और जनता से सहयोग की अपील

    प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जांच के दौरान यदि कोई भी संस्थान बिना पंजीकरण या अवैध रूप से चलता पाया गया, तो उसे न केवल तुरंत सील किया जाएगा बल्कि संबंधित व्यक्ति के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराई जाएगी। किसी भी स्तर पर लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों की जवाबदेही भी तय की गई है। इसके साथ ही जिला प्रशासन ने नागरिकों से आह्वान किया है कि वे अपने आसपास चल रही ऐसी संदिग्ध चिकित्सा गतिविधियों की जानकारी जिला कंट्रोल रूम के नंबर 02906-294900 पर साझा करें। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि सूचना देने वाले व्यक्ति का नाम पूरी तरह गुप्त रखा जाएगा, ताकि बिना किसी डर के लोग इस सफाई अभियान में सहभागी बन सकें।

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