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    भोपाल के फूड आउटलेट में खाने से निकले कीड़े, खाद्य विभाग ने थमाया नोटिस

    भोपाल: मध्य प्रदेश की राजधानी में लोगों की सेहत से खिलवाड़ करने वाले रेस्टोरेंट और जूस सेंटरों पर प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। कलेक्टर प्रियंक मिश्रा को मिली शिकायतों के बाद खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने शहर के कई इलाकों में छापेमारी की। यह पूरी कार्रवाई मशहूर फूड चेन 'सागर गैरे' के खाने में कीड़े मिलने और शहर में बिकने वाले सस्ते मैंगो शेक व लस्सी में जहरीले रसायनों की मिलावट की सूचना पर की गई है।

    मशहूर आउटलेट में मिली गंदगी और खाने में कीड़े

    शहर के सात नंबर बस स्टॉप पर स्थित सागर गैरे आउटलेट में उस समय हड़कंप मच गया जब कलेक्टर के निर्देश पर टीम वहां जांच करने पहुंची। जांच में पाया गया कि वहां न केवल खाने में कीड़े थे, बल्कि किचन में साफ-सफाई के नियमों की भी जमकर धज्जियां उड़ाई जा रही थीं। प्रशासन ने इस घोर लापरवाही पर कड़ा रुख अपनाते हुए आउटलेट संचालक को नोटिस जारी किया है और दो हफ्ते के अंदर व्यवस्था सुधारने की चेतावनी दी है। यदि समय रहते सुधार नहीं हुआ, तो दुकान का लाइसेंस हमेशा के लिए रद्द किया जा सकता है।

    सस्ते जूस और लस्सी में मिलावट का बड़ा खेल

    प्रशासन को शिकायत मिली थी कि शहर में कई जगहों पर बेहद कम दाम में बिकने वाले मैंगो शेक और लस्सी में असली फल के बजाय खतरनाक सिंथेटिक एसेंस और रंगों का इस्तेमाल हो रहा है। जांच अधिकारियों ने बताया कि जूस को गाढ़ा बनाने और मीठा करने के लिए इसमें भारी मात्रा में सैकरीन और हानिकारक रसायनों का मिश्रण किया जा रहा है, जो इंसानी शरीर के लिए जहर के समान है। खासकर 10 रुपये के मैंगो शेक और 20 रुपये की लस्सी बेचने वाले सेंटरों पर प्रशासन की पैनी नजर है।

    पूरे शहर से लिए गए सैंपल और कड़ी कार्रवाई की तैयारी

    खाद्य विभाग की टीम ने गुरुवार को एक साथ भोपाल के कई बड़े इलाकों जैसे एमपी नगर, अशोका गार्डन, इंद्रपुरी और पीरगेट में दबिश दी। इस दौरान करीब 24 से ज्यादा दुकानों और रेस्टोरेंट से जूस, लस्सी, मैदा और मिठाइयों के नमूने भरे गए हैं। इन सभी सैंपल्स को लैब में जांच के लिए भेज दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि लैब रिपोर्ट आते ही उन दुकानदारों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी जो लोगों के स्वास्थ्य के साथ समझौता कर रहे हैं।

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