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    Homeधर्म-समाजमां विंध्यवासिनी धाम के पास मौजूद ऐसे रहस्यमयी स्थल, जहां दर्शन करने...

    मां विंध्यवासिनी धाम के पास मौजूद ऐसे रहस्यमयी स्थल, जहां दर्शन करने से तंत्र-मंत्र और काली शक्ति भागती है दूर!

    अगर आप मिर्जापुर घूमने के लिए आ रहे हैं तो कुछ ऐसे जगह है, जहां पर घूमना बिल्कुल भी मिस ना करें. अगर आप काली शक्तियों से परेशान हैं या फिर लक्ष्मी आपसे रुष्ट हैं, तो यहां दर्शन करने से सारी बाधाएं दूर होंगी और दर्शन करने से हर मनोकामना सिद्ध होगी.
    अगर आप मिर्जापुर घूमने के लिए आ रहे हैं तो कुछ ऐसे जगह हैं, जहां पर घूमना बिल्कुल भी मिस ना करें. अगर आप काली शक्तियों से परेशान हैं या फिर लक्ष्मी आपसे रुष्ट हैं, तो यहां पर दर्शन करने से हर मनोकामना सिद्ध होगी.

    मां अष्टभुजा को विद्या की देवी कहा जाता है. ऐसी मान्यता है कि मां अष्टभुजा की पूजा और अर्चना करने से सरस्वती से जुड़े हुए कार्य सिद्ध होते हैं. मां महासरस्वती हैं. पुराणों में मान्यता है कि मां अष्टभुजा की बहन भी हैं, यहां पर दर्शन करने से भक्तों की शिक्षा से जुड़ी हुई हर मनोकामना पूर्ण होती है.

    विंध्याचल में स्थित हनुमान मंदिर बेहद ही खास है. मां के मंदिर के पास हनुमान जी को रक्षक माना जाता है. मां की रक्षा के लिए स्वयं हनुमान जी विराजमान हैं. यहां पर काफी संख्या में लोग मंगलवार को दर्शन करने के लिए आते हैं.

    अगर आप भूत-प्रेत और काली शक्तियों से परेशान हैं, तो मां विंध्यवासिनी धाम में मां धाधा का मंदिर स्थित है. मां धाधा को प्रेत माता के नाम से भी जाना जाता है. यहां पर बाल चढ़ा देने से भूत-प्रेत जैसी बाधाएं खत्म होती हैं. काफी संख्या में लोग दर्शन पूजन के लिए भी यहां आते हैं.
    मां विंध्यवासिनी धाम में भैरव और भैरवी एक साथ विराजमान हैं. यह पूरे विश्व में एकमात्र ऐसा स्थान है, जहां पर भैरव और भैरवी एक साथ दर्शन देते हैं. यहां पर दर्शन करने से भक्तों की मनोकामना पूर्ण होती है. वहीं, मां विंध्यवासिनी का दर्शन भी पूरा माना जाता है. मां के त्रिकोण परिक्रमा में यह धाम अति विशेष है.

    मां विंध्यवासिनी धाम के पास स्थित महाकाली का दरबार अद्भुत है. रक्तबीज रक्षा का संघार करने के बाद मां खेचरी मुद्रा में विराजमान हैं. यहां पर मां के मुख में कुछ भी प्रसाद अर्पित करने के बाद वह गायब हो जाता है. यह प्रसाद कहां जाता है, आज तक किसी को पता नहीं चल रहा है. मां को दुखहारिणी माना जाता है. यहां दर्शन करने से सारे समस्याओं का समाधान होता.

    अगर आप तंत्र-मंत्र या फिर सिद्धि हासिल करना चाहते हैं, तो मां तारा का धाम बेहद ही रहस्यमई है. श्मशान घाट पर स्थित मां तारा का धाम तंत्र विद्या के लिए मशहूर है. मां तारा की चार शक्तिपीठों में यह धाम एक है, जहां पर देशभर से अलग-अलग तांत्रिक सिद्धि के लिए आते हैं. नवरात्रि में यहां पर काफी संख्या में तांत्रिकों की भीड़ उमड़ती है.

    अगर शांति और सुकून की तलाश में हैं, तो देवरहा बाबा आश्रम आपके लिए अति विशेष है, यहां पर देवरहा बाबा स्वयं विराजमान रहते थे, जहां भक्तों को आशीर्वाद देते थे. कई बीघा में बना हुआ यह आश्रम बेहद ही खास है. यहां पर आने से आपको सुकून और आनंद की अनुभूति होगी.

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