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    भजनलाल ने दाल-चावल और मिक्स वेज पत्‍तल-दोने में परोसी खाने का आनंद लिया

    बांसवाड़ा। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा बुधवार को बांसवाड़ा जिले के कुशलगढ़ क्षेत्र के चुड़ादा गांव में एक बेहद अनूठे और सादगी भरे अंदाज में नजर आए। गांव में आयोजित 'ग्राम विकास चौपाल' के समापन के बाद मुख्यमंत्री सीधे स्थानीय ग्रामीण गट्टूलाल यादव के घर पहुंचे। वहां उन्होंने किसी तामझाम के बिना, जमीन पर बैठकर पत्तल-दोने में पारंपरिक तरीके से भोजन ग्रहण किया। भोजन के मेन्यू में दाल-चावल, आमरस और आलू-मटर-ग्वार फली की मिक्स सब्जी परोसी गई थी, जिसका मुख्यमंत्री ने चाव से आनंद लिया।


    भोजन के बाद खाट पर जमी चौपाल, ग्रामीणों से जाना आजीविका का हाल

    दोपहर के भोजन के उपरांत मुख्यमंत्री घर के बाहर बिछी खाट (चारपाई) पर बैठ गए। उन्होंने वहां जुटे बुजुर्गों, महिलाओं और युवाओं से बेहद आत्मीयता के साथ संवाद किया। बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों से उनकी खेती-बाड़ी, पशुपालन की स्थिति और परिवार की आजीविका के साधनों के बारे में विस्तार से पूछा। उन्होंने ग्रामीणों से सीधा फीडबैक लेते हुए यह भी जाना कि सरकारी योजनाओं का लाभ उन तक सुचारू रूप से पहुंच रहा है या नहीं।

    पारंपरिक और जैविक खेती पर जोर, बैलों से खेती करने पर मिलेंगे 30 हजार रुपये

    इससे पहले, 'ग्राम विकास चौपाल' को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने किसानों और पशुपालकों से कृषि क्षेत्र में बदलाव लाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य की डबल इंजन सरकार किसानों की आय बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने प्राकृतिक व जैविक खेती को अपनाने पर जोर देते हुए घोषणा की कि जो किसान बैलों के जरिए पारंपरिक तरीके से खेती करेंगे, उन्हें राज्य सरकार की ओर से 30 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।

    बिजली-पानी का संकट होगा दूर, 2027 तक पूरे प्रदेश में दिन में मिलेगी बिजली

    मुख्यमंत्री ने क्षेत्रवासियों को आश्वस्त किया कि राजस्थान को पानी और बिजली के मामले में आत्मनिर्भर बनाने के लिए तेजी से काम चल रहा है। उन्होंने रामजल सेतु लिंक परियोजना, यमुना जल समझौते और माही-देवास जैसी बड़ी जल परियोजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि इनके पूरे होने से सिंचाई और पेयजल की किल्लत हमेशा के लिए खत्म हो जाएगी। उन्होंने आगे कहा कि वर्तमान में सूबे के 26 जिलों में किसानों को दिन के समय बिजली दी जा रही है और साल 2027 तक पूरे राजस्थान में यह व्यवस्था लागू करने का लक्ष्य रखा गया है।

    दूध पर 5 रुपये का अनुदान और युवाओं के लिए 4 लाख नौकरियों का संकल्प

    कृषि और रोजगार के मोर्चे पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने निम्नलिखित मुख्य बातें रेखांकित कीं:

    • पशुपालन को बढ़ावा: राजस्थान दुग्ध उत्पादन में लगातार आगे बढ़ रहा है और 'मुख्यमंत्री दुग्ध उत्पादक संबल योजना' के तहत दुग्ध उत्पादकों को 5 रुपये प्रति लीटर की सब्सिडी दी जा रही है। इसके साथ ही उन्होंने किसानों को ग्रीन हाउस और पॉली हाउस तकनीक अपनाने की सलाह दी।

    • पारदर्शी सरकारी नौकरियां: युवाओं को कृषि में नवाचार (Innovation) करने के लिए प्रेरित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार पूरी पारदर्शिता के साथ युवाओं को रोजगार दे रही है। सरकार अपने 4 लाख सरकारी भर्तियों के संकल्प को पूरा करने की दिशा में आगे बढ़ रही है।

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