अलवर पुलिस का संबल कार्यक्रम, एकाकी वरिष्ठ दम्पत्तियों को मिलेगा अपनापन और सहारा
अलवर। पुलिस ने सामाजिक सरोकार और मानवीय संवेदनाओं को मजबूत करते हुए ‘वरिष्ठ जनसंबल कार्यक्रम’ की शुरुआत की है। इस पहल के तहत थाना क्षेत्रों में अकेले जीवन यापन कर रहे वरिष्ठ नागरिकों और एकल दम्पत्तियों को पुलिस द्वारा सहारा प्रदान किया जाएगा। कार्यक्रम के अंतर्गत बीट कांस्टेबल अब इन बुजुर्गों के परिजनों की तरह उनकी देखभाल और सहायता करेंगे।
पुलिस अधीक्षक सुधीर चौधरी ने बताया कि पुलिस मुख्यालय जयपुर के निर्देशानुसार अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. दीपक कुमार एवं डॉ. प्रियंका के नेतृत्व में थाना रैणी क्षेत्र में इस संवेदनशील अभियान की शुरुआत की गई है। अभियान का उद्देश्य ऐसे बुजुर्गों तक पुलिस की पहुंच सुनिश्चित करना है, जिनके बच्चे या परिजन उनके साथ नहीं रहते और जिन्हें देखरेख की आवश्यकता है।
कार्यक्रम के तहत बीट कांस्टेबल अपने-अपने क्षेत्रों में सर्वे कर ऐसे वरिष्ठ नागरिकों और दम्पत्तियों की पहचान कर रहे हैं। चिन्हित बुजुर्गों को संबंधित कांस्टेबल द्वारा एक तरह से ‘गोद’ लिया जाएगा। कांस्टेबल नियमित रूप से उनके घर जाकर कुशलक्षेम पूछेंगे और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराएंगे।
पुलिस प्रशासन ने इस योजना के अंतर्गत प्रत्येक रविवार को जरूरतमंद बुजुर्गों तक फल, सब्जियां, राशन सामग्री एवं अन्य आवश्यक वस्तुएं पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इस पुनीत कार्य में स्थानीय भामाशाहों और समाजसेवियों का सहयोग भी लिया जा रहा है, जिससे सामुदायिक पुलिसिंग को बढ़ावा मिल रहा है।
अलवर पुलिस का कहना है कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य बुजुर्गों में सुरक्षा, विश्वास और अपनत्व की भावना पैदा करना है। पुलिस केवल कानून व्यवस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज के कमजोर और जरूरतमंद वर्गों की सेवा के लिए भी सदैव तत्पर है।
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