More
    Homeबिजनेससूर्यास्त्र रॉकेट टेस्ट से डिफेंस शेयर में उछाल, 3 दिनों में 27%...

    सूर्यास्त्र रॉकेट टेस्ट से डिफेंस शेयर में उछाल, 3 दिनों में 27% की तेजी

    पुणे। रक्षा क्षेत्र (डिफेंस) के कलपुर्जे बनाने वाली प्रमुख घरेलू कंपनी नाइबे (Nibe) के शेयरों में शुक्रवार को शुरुआती कारोबार के दौरान जबरदस्त तेजी देखी गई। कंपनी के स्टॉक आज इंट्राडे में करीब 11 प्रतिशत तक मजबूत हो गए। इस बूम के पीछे की मुख्य वजह ओडिशा के तट पर कंपनी द्वारा किए गए 'सूर्यास्त्र' रॉकेटों के सफल परीक्षण को माना जा रहा है। कंपनी ने शेयर बाजार को सूचित किया है कि उसने 18 और 19 मई को दो अलग-अलग मारक क्षमता वाले रॉकेटों का सफलतापूर्वक परीक्षण पूरा कर लिया है, जिसके बाद से पिछले तीन सत्रों में यह शेयर लगभग 27 फीसदी चढ़ चुका है।

    ओडिशा के चांदीपुर में हुआ परीक्षण, 300 किमी तक सटीक निशाना

    कंपनी से प्राप्त विवरण के अनुसार, 'सूर्यास्त्र' सीरीज के तहत 'एक्सट्रा' (EXTRA) और 'प्रिडेटर हॉक' रॉकेटों का फायरिंग टेस्ट ओडिशा के चांदीपुर स्थित इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज (ITR) में आयोजित किया गया। इन रॉकेटों की मारक क्षमता क्रमशः 150 किलोमीटर और 300 किलोमीटर तक की है। परीक्षण के दौरान दोनों ही मिसाइल प्रणालियों ने समुद्र तट पर स्थित अपने निर्धारित लक्ष्यों को बेहद सटीकता के साथ ध्वस्त किया। इस कामयाबी ने सूर्यास्त्र प्रणाली की लंबी दूरी तक अचूक प्रहार करने की ताकत को दुनिया के सामने साबित कर दिया है।

    दुनिया के सबसे सटीक आर्टिलरी सिस्टम में शुमार हुआ 'सूर्यास्त्र'

    इस परीक्षण की सबसे बड़ी खासियत इसकी सटीकता रही। रॉकेटों ने केवल 1.5 मीटर और 2 मीटर का 'सर्कुलर एरर प्रोबेबल' (CEP) दर्ज किया है। रक्षा विज्ञान में CEP किसी भी मिसाइल या रॉकेट की मारक सटीकता को मापने का सबसे विश्वसनीय पैमाना माना जाता है। 300 किलोमीटर जैसी लंबी दूरी पर महज 2 मीटर से कम का डिफ़्लेक्शन (विचलन) होना 'सूर्यास्त्र' को दुनिया के सबसे बेहतरीन और बेहद सटीक लंबी दूरी के रॉकेट आर्टिलरी सिस्टम की कतार में खड़ा करता है। इसके जरिए सेना न्यूनतम नुकसान के साथ दुश्मन के रणनीतिक ठिकानों को तबाह कर सकेगी।

    पूरी तरह मेड इन इंडिया: डीप-स्ट्राइक ऑपरेशन्स के लिए विशेष डिजाइन

    'सूर्यास्त्र' को भारत के पहले पूर्णतः स्वदेशी, यूनिवर्सल और मल्टी-कैलिबर रॉकेट लॉन्चर सिस्टम के तौर पर विकसित किया गया है। इसे विशेष रूप से जमीन से जमीन पर मार करने और दुश्मन के इलाके में काफी अंदर तक घुसकर हमला करने (Deep-Strike Operations) के लिए तैयार किया गया है। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह आधुनिक प्रणाली हमारी पारंपरिक फील्ड आर्टिलरी और भारी भरकम बैलिस्टिक मिसाइल प्लेटफॉर्म्स के बीच के अंतर को पाटने का काम करेगी, जिससे भारतीय सशस्त्र बलों को एक गतिशील, तीव्र और घातक विकल्प मिलेगा।

    NSE पर लिस्टेड है कंपनी, जनवरी में सेना से मिला था बड़ा कॉन्ट्रैक्ट

    नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर लिस्टेड Nibe कंपनी का भारतीय सेना के साथ व्यावसायिक तालमेल लगातार मजबूत हो रहा है। इससे पहले, इसी साल जनवरी महीने में रक्षा मंत्रालय की आपातकालीन खरीद प्रक्रिया के तहत कंपनी को भारतीय सेना की ओर से 'सूर्यास्त्र यूनिवर्सल रॉकेट लॉन्चर' और संबंधित रॉकेटों की आपूर्ति के लिए एक बड़ा परचेज ऑर्डर मिला था। सेना से मिले इसी भरोसे और अब परीक्षणों की सफलता के कारण निवेशक इस डिफेंस स्टॉक पर जमकर दांव लगा रहे हैं।

    latest articles

    explore more

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here