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    ख्वाबों के शहर में सपनों का अंत: कोटा में NEET अभ्यर्थी की मौत से फिर मचा हड़कंप

    कोटा | देश के प्रतिष्ठित कोचिंग हब कोटा में एक बार फिर एक कोचिंग विद्यार्थी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का दुखद मामला सामने आया है। जवाहर नगर थाना अंतर्गत पुराना राजीव गांधी नगर क्षेत्र में रहने वाले नीट (NEET) के 17 वर्षीय एक अभ्यर्थी का शव उसके कमरे में फंदे से लटका हुआ पाया गया। इस स्तब्ध कर देने वाली घटना से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है और वहां रह रहे छात्रों के बीच गहरी चिंता देखी जा रही है।

    उत्तर प्रदेश का निवासी था मृतक छात्र

    मृतक छात्र की शिनाख्त आर्यन ओझा के रूप में की गई है, जो उत्तर प्रदेश का रहने वाला था। वह मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट की तैयारी के सिलसिले में कोटा आया था और यहां एक किराए का कमरा लेकर रह रहा था। शुरुआती जानकारी के अनुसार, आर्यन का शव उसके कमरे में फंदे से झूलता मिला, जिसके बाद आसपास के लोगों ने तुरंत स्थानीय पुलिस को मामले की सूचना दी। जवाहर नगर थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला और घटना के संबंध में शुरुआती तफ्तीश शुरू की।

    अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने नब्ज टटोलकर मृत बताया

    पुलिस टीम छात्र को तुरंत नजदीकी निजी अस्पताल ले गई, जहां डॉक्टरों ने परीक्षण के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम की प्रक्रिया के लिए एमबीएस अस्पताल के शवगृह में रखवा दिया गया है। पुलिस प्रशासन ने छात्र के परिवार को इस अनहोनी की जानकारी दे दी है। इसके साथ ही, कमरे की सघन तलाशी ली जा रही है और पुलिस हर उस संभावित पहलू को खंगाल रही है जिससे इस आत्मघाती कदम के पीछे की मुख्य वजह का पता लगाया जा सके।

    बढ़ते मानसिक तनाव को लेकर फिर उठे गंभीर सवाल

    शुरुआती जांच में अभी तक किसी भी तरह के सुसाइड नोट या ठोस वजह का खुलासा नहीं हो पाया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूरी जांच और साक्ष्य सामने आने के बाद ही स्थिति साफ हो सकेगी। हालांकि, इस नई घटना ने एक बार फिर कोटा में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों पर हावी होते मानसिक दबाव, कड़ी प्रतिस्पर्धा और उचित काउंसलिंग की कमी जैसे गंभीर मुद्दों को हवा दे दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी त्रासदियों को रोकने के लिए बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य की नियमित निगरानी और उन्हें संबल देना बेहद जरूरी हो गया है।

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