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    अन्नामलाई की BJP संग नहीं बन पाई बात, भगवा पार्टी छोड़ने पर अडिग

    चेन्नई/नई दिल्ली। तमिलनाडु भारतीय जनता पार्टी (BJP) के पूर्व अध्यक्ष के. अन्नामलाई को लेकर चल रहा सस्पेंस और सियासी ड्रामा अब अपने आखिरी पड़ाव पर पहुंच गया है। भाजपा के शीर्ष नेतृत्व के साथ लंबी बातचीत के बाद भी मामला सुलझता नजर नहीं आ रहा है, और अन्नामलाई भाजपा से अलग होने के अपने फैसले पर पूरी तरह अडिग हैं। सूत्रों के मुताबिक, उन्होंने केंद्रीय नेतृत्व को अपना इस्तीफा सौंप दिया है और शुक्रवार (5 जून) को वे इस संबंध में औपचारिक घोषणा कर सकते हैं। पहले माना जा रहा था कि आज, यानी 4 जून को अपने जन्मदिन के मौके पर वे कोई बड़ा एलान करेंगे, लेकिन अब उनके अगले कदम की घोषणा कल के लिए टल गई है।

    अच्छे टर्म्स पर विदा होना चाहते हैं अन्नामलाई

    अन्नामलाई का तमिलनाडु भाजपा से पूरी तरह मोहभंग हो चुका है, लेकिन वे पार्टी के साथ कड़वाहट पैदा करने के बजाय बेहद सौहार्दपूर्ण और अच्छे माहौल में अपनी राहें जुदा करना चाहते हैं। इसी सिलसिले में वे दिल्ली पहुंचे थे, जहां उन्होंने दो जून को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से उनके आवास पर करीब आधे घंटे तक मुलाकात की। इसके अलावा, उन्होंने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन और राष्ट्रीय संगठन महासचिव बी.एल. संतोष से भी मुलाकात कर अपनी स्थिति पूरी तरह साफ कर दी।

    वरिष्ठ नेतृत्व के सामने रखीं अपनी चिंताएं

    पार्टी सूत्रों के अनुसार, दिल्ली में हुई बैठकों के दौरान अन्नामलाई ने आलाकमान को तमिलनाडु के हालिया राजनीतिक घटनाक्रमों और राज्य में पार्टी के सामने मौजूद जमीनी चुनौतियों का अपना पूरा आकलन सौंप दिया। उन्होंने भाजपा छोड़ने के अपने कथित फैसले के पीछे की मुख्य वजहों को भी वरिष्ठ नेताओं के सामने स्पष्ट किया। हालांकि, पार्टी के शीर्ष नेताओं ने उनसे अपने इस फैसले पर दोबारा विचार करने और इस्तीफे की योजना को टालने का आग्रह किया था, लेकिन अन्नामलाई अपने रुख पर कायम रहे।

    गठबंधन और नए अध्यक्ष की नियुक्ति से शुरू हुई नाराजगी

    तमिलनाडु भाजपा में अंदरूनी कलह और अन्नामलाई की नाराजगी की शुरुआत राज्य में विधानसभा चुनावों के मद्देनजर अन्नाद्रमुक (AIADMK) के साथ भाजपा का गठबंधन फिर से बहाल होने के बाद हुई थी। इसके साथ ही नैनार नागेंद्रन को प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने के बाद से वे खुद को पार्टी में उपेक्षित महसूस कर रहे थे। अन्नामलाई ने 2021 का विधानसभा चुनाव प्रदेश अध्यक्ष के तौर पर लड़ा था, लेकिन वे जीत नहीं पाए थे। वहीं हालिया चुनावों में उन्होंने खुद चुनाव न लड़कर एक साधारण कार्यकर्ता के रूप में केवल पार्टी के प्रचार पर अपना पूरा ध्यान केंद्रित किया था।

    नई राजनीतिक जमीन तलाशने की तैयारी

    दिल्ली रवाना होने से पहले अन्नामलाई ने चेन्नई हवाई अड्डे पर मीडिया से कहा था, "कृपया प्रतीक्षा करें। हम दो दिन में बैठकर बात करेंगे और स्थिति स्पष्ट करेंगे।" हालांकि, उनके द्वारा दी गई दो दिन की यह समयसीमा अब पूरी हो चुकी है। कोयंबटूर सहित तमिलनाडु की कई प्रमुख सड़कों पर उनके समर्थकों ने "हमारा नेता, आओ और हमारा नेतृत्व करो" जैसे नारों वाले पोस्टर भी लगा दिए हैं। सूत्रों का दावा है कि भाजपा से अलग होने के बाद अन्नामलाई तमिलनाडु में एक नया राजनीतिक 'आंदोलन' शुरू कर सकते हैं, जिसे आगे चलकर एक क्षेत्रीय राजनीतिक दल (नई पार्टी) का रूप दिया जा सकता है। अब पूरी राजनीतिक बिरादरी की निगाहें कल होने वाले उनके आधिकारिक एलान पर टिकी हुई हैं।

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