भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर ने अफगानिस्तान के खिलाफ शनिवार से शुरू हो रहे एकमात्र टेस्ट मैच से पहले टीम संयोजन को लेकर बड़े संकेत दिए हैं। कोच गंभीर ने साफ किया कि प्रतिभाशाली बल्लेबाज साई सुदर्शन को नंबर तीन पर अपनी काबिलियत साबित करने के उतने मौके नहीं मिले, जितने मिलने चाहिए थे। ऐसे में माना जा रहा है कि देवदत्त पडिक्कल की जगह इस मुकाबले में साई सुदर्शन को अंतिम एकादश (प्लेइंग इलेवन) में शामिल किया जा सकता है। इसके साथ ही गंभीर ने अगस्त में होने वाले श्रीलंका दौरे को ध्यान में रखते हुए चार स्तरीय स्पिनर तैयार करने की योजना का भी खुलासा किया।
साई सुदर्शन के फॉर्म का किया पुरजोर समर्थन
भारत और अफगानिस्तान के बीच खेला जाने वाला यह टेस्ट मैच भले ही मौजूदा आईसीसी विश्व टेस्ट चैंपियनशिप ($WTC$) का हिस्सा न हो, लेकिन भविष्य की सीरीज के लिहाज से टीम का कोर ग्रुप तैयार करने के लिए बेहद अहम है। मैच की पूर्व संध्या पर प्रेस कॉन्फ्रेंस में गंभीर ने साई सुदर्शन का बचाव करते हुए कहा:
साई सुदर्शन को अभी तक अपनी क्षमता दिखाने का उचित अवसर नहीं मिला है। उन्होंने अपने अधिकांश मैच इंग्लैंड की कठिन परिस्थितियों में खेले हैं। साई बिल्कुल भी खराब फॉर्म में नहीं हैं, उन्होंने हाल ही में संपन्न हुए आईपीएल में 700 से अधिक रन बनाए हैं। यदि हम महज चार-पांच पारियों के आधार पर किसी खिलाड़ी के टैलेंट का आकलन करने लगेंगे, तो यह उनके साथ न्याय नहीं होगा और हम कोई ठोस राय नहीं बना पाएंगे।"
श्रीलंका दौरे के लिए तैयार हो रहा है 'चौथा स्पिनर'
टीम में बाएं हाथ के स्पिनर के एक स्थान के लिए युवा खिलाड़ी मानव सुथार और हर्ष दुबे के बीच कड़ी टक्कर चल रही है। इस पर बात करते हुए कोच ने कहा कि भारत को अगस्त में श्रीलंका के खिलाफ होने वाली दो टेस्ट मैचों की सीरीज के लिए स्पिन गेंदबाजी के मजबूत विकल्प तैयार रखने होंगे। गंभीर ने कहा कि मानव और हर्ष की शैली में थोड़ा अंतर है और यह मुकाबला हमें अपना चौथा मुख्य स्पिनर तय करने में मदद करेगा, क्योंकि श्रीलंका की पिचों को देखते हुए हम टीम में चार स्पिनर शामिल करना चाहते हैं। इसके बाद जब टीम न्यूजीलैंड दौरे पर जाएगी, तो वहां की परिस्थितियों के हिसाब से अलग रणनीति बनाई जाएगी।
ऋषभ पंत को उपकप्तानी से हटाने पर कोच का दोटूक बयान
ऋषभ पंत को टेस्ट टीम की उपकप्तानी से मुक्त किए जाने के फैसले पर पहली बार मुख्य कोच गंभीर ने अपनी बेबाक राय रखी। गंभीर ने स्पष्ट किया कि पंत को टीम मैनेजमेंट का पूरा समर्थन हासिल है और कोई भी उनके खेलने के आक्रामक अंदाज को बदलना नहीं चाहता।
हालांकि, गंभीर ने नसीहत देते हुए कहा
हम ऋषभ पंत की स्वाभाविक और आक्रामक खेल शैली में कोई बदलाव नहीं चाहते हैं, लेकिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलते समय हर खिलाड़ी के लिए मैच की परिस्थितियों का सम्मान करना और खेल की स्थिति को बेहतर ढंग से समझना बेहद जरूरी होता है।"


