मुंबई | महानगर के होटल, रेस्तरां, बार और पार्टी हॉल में आग लगने की दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) का फायर ब्रिगेड विभाग बेहद सख्त हो गया है। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि अग्नि सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाले व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को अब सुधरने के लिए 120 दिनों की लंबी मोहलत नहीं मिलेगी। तय समय के भीतर फायर सेफ्टी के पुख्ता इंतजाम न करने वाले होटलों और बार के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए उनकी बिजली और पानी की सप्लाई काटने जैसी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
दिल्ली त्रासदी के बाद मुंबई में शुरू हुआ सघन जांच अभियान
हाल ही में दिल्ली के मालवीय नगर के एक रेस्तरां में लगी भीषण आग में 23 लोगों की दर्दनाक मौत के बाद मुंबई का अग्निशमन विभाग अलर्ट मोड पर है। इसी के मद्देनजर शहर के तमाम खान-पान और मनोरंजन स्थलों पर सुरक्षा ऑडिट किया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, पहले नियमों को दुरुस्त करने के लिए चार महीने (120 दिन) का समय मिलता था, लेकिन अब महाराष्ट्र फायर सर्विस एक्ट के तहत केवल दो हफ्ते से लेकर एक महीने तक की ही समय-सीमा दी जा रही है। इस कम अवधि में कमियां दूर न करने वाले संचालकों पर सीधे कानूनी और दंडात्मक गाज गिरेगी।
सैकड़ों प्रतिष्ठानों की जांच और दर्जनों को जारी हुआ नोटिस
फायर ब्रिगेड विभाग की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक, साल 2025 में कुल 2,721 होटल और बार की चेकिंग की गई थी, जिनमें से कमियां पाए जाने पर 22 प्रतिष्ठानों को नोटिस थमाए गए थे। वहीं, जनवरी 2026 से लेकर अब तक कुल 428 ठिकानों का औचक निरीक्षण किया जा चुका है। इस साल की जांच में अब तक 17 ऐसे कमर्शियल स्पेस सामने आए हैं, जहां या तो फायर फाइटिंग सिस्टम पूरी तरह नदारद था या फिर बंद पड़ा था, जिसके बाद इन सभी को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है।
हादसों को रोकने के लिए अवैध गैस सिलेंडरों की धरपकड़ तेज
रसोई घरों में गैस सिलेंडर फटने की घटनाओं से होने वाले जान-माल के नुकसान को रोकने के लिए भी बीएमसी मुस्तैद दिखाई दे रही है। विभाग व्यावसायिक रसोई में अवैध रूप से रखे गए कमर्शियल और घरेलू सिलेंडरों के खिलाफ लगातार जब्ती की कार्रवाई कर रहा है। इसके तहत जहां साल 2025 में 190 अवैध सिलेंडरों को जब्त किया गया था, वहीं साल 2026 के शुरुआती महीनों में ही अब तक 58 अवैध सिलेंडर पकड़े जा चुके हैं। प्रशासन ने साफ किया है कि जनता की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाले किसी भी संस्थान को बख्शा नहीं जाएगा।


