More
    Homeराज्यबिहारबिहार विधान परिषद चुनाव: चिराग पासवान के मुस्लिम दांव से आरजेडी-कांग्रेस के...

    बिहार विधान परिषद चुनाव: चिराग पासवान के मुस्लिम दांव से आरजेडी-कांग्रेस के कोर वोट बैंक में सेंधमारी की तैयारी

    पटना |  लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) ने बिहार विधान परिषद की एक सीट के लिए अपने प्रत्याशी के नाम का आधिकारिक ऐलान कर दिया है। सदन में 19 विधायकों की ताकत रखने वाली इस पार्टी ने अपने कार्यवाहक प्रदेश अध्यक्ष अशरफ अंसारी को चुनावी मैदान में उतारा है। लोजपा (रामविलास) के राष्ट्रीय प्रधान महासचिव अब्दुल खालिक द्वारा साझा की गई जानकारी के मुताबिक, केंद्रीय पार्लियामेंट्री बोर्ड ने राज्य में होने वाले द्विवार्षिक चुनाव 2026 को लेकर गहन विचार-विमर्श करने के बाद अशरफ अंसारी के नाम पर अपनी अंतिम मुहर लगाई है।

    भाजपा और जदयू पहले ही खोल चुके हैं पत्ते

    लोजपा (रामविलास) की इस घोषणा से ठीक एक दिन पहले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के अन्य प्रमुख घटकों, भाजपा और जदयू ने अपने-अपने उम्मीदवारों की फेहरिस्त जारी की थी। भारतीय जनता पार्टी ने इस बार भोजपुरी फिल्म अभिनेता पवन सिंह, संजय मयूख, शीला मंडल और अनिल ठाकुर को अपना प्रत्याशी बनाया है। वहीं, दूसरी ओर जनता दल यूनाइटेड (जदयू) ने विधान परिषद के मुख्य चुनाव और उपचुनाव दोनों के लिए निशांत कुमार, भारती मेहता, शिवरानी देवी प्रजापति और ललन प्रसाद को उम्मीदवार घोषित कर एनडीए के खेमे को मजबूती दी है।

    महागठबंधन के सामने मुस्लिम कार्ड से बढ़ी हलचल

    बिहार विधान परिषद की खाली हो रही नौ सीटों और नीतीश कुमार के इस्तीफे से रिक्त हुई एक सीट पर उपचुनाव की प्रक्रिया जारी है, जिसमें नामांकन के लिए अब केवल दो दिन का समय बचा है। एनडीए ने अपनी रणनीति के तहत नौ सीटों पर चेहरे साफ कर दिए हैं, जिसमें एक सीट राष्ट्रीय लोक मोर्चा (रालोमो) के दीपक प्रकाश के हिस्से जाएगी। इस बीच, एनडीए द्वारा अचानक एक मुस्लिम चेहरा उतार देने से महागठबंधन के खेमे में सियासी हलचल तेज हो गई है। विपक्ष को अभी अपनी सीट पर उम्मीदवार तय करना है, लेकिन आंतरिक मतभेद जारी हैं। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव जहां दलित समुदाय से शिवचंद्र राम को सदन भेजना चाहते हैं, वहीं राबड़ी देवी की इच्छा तेज प्रताप यादव को प्रत्याशी बनाने की है।

    पिछली बार की तरह कड़े मुकाबले के आसार

    एनडीए के इस चौंकाने वाले फैसले के बाद बिहार विधान परिषद की इस सीट पर ठीक वैसी ही राजनीतिक परिस्थितियां बनती दिख रही हैं, जैसी पिछले राज्यसभा चुनाव के दौरान देखने को मिली थीं। उस वक्त पांचवीं सीट के लिए राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के अमरेंद्र धारी सिंह और भाजपा के शिवेश राम के बीच बेहद दिलचस्प और कड़ा मुकाबला हुआ था, जिसमें अंततः भाजपा प्रत्याशी ने बाजी मारी थी। अब विधान परिषद के इस रण में भी एनडीए और महागठबंधन के बीच एक सीट पर सीधे और कड़े चुनावी दंगल की तस्वीर साफ हो चुकी है।

    latest articles

    explore more

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here