जयपुर। राजस्थान की राजधानी में अवैध कब्जों और अतिक्रमण के खिलाफ प्रशासन ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। इसके लिए मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल को तैनात किया गया है, जिसमें जयपुर के अलावा अन्य नजदीकी जिलों से भी अतिरिक्त जाब्ता मंगवाया गया है। कृष्णा मार्ग चौड़ीकरण परियोजना के आड़े आ रहे पांच धार्मिक ढांचों को हटाने के लिए रविवार से ही सुरक्षा चाक-चौबंद कर दी गई थी। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरे क्षेत्र की घेराबंदी कर उसे सील कर दिया गया है। किसी भी संभावित विरोध या अप्रिय घटना को रोकने के लिए आम जनता के साथ-साथ मीडिया के प्रवेश पर भी पूरी तरह रोक लगा दी गई है। आसपास के ऊंचे मकानों की छतों से भी पुलिसकर्मी अत्याधुनिक कैमरों और दूरबीन के जरिए पूरे इलाके पर पैनी नजर रख रहे हैं।
22 जेसीबी मशीनों से ध्वस्तीकरण और पुराने अभियान का ब्योरा
अतिक्रमण को जमींदोज करने के लिए प्रशासन ने एक साथ 22 जेसीबी मशीनों को काम पर लगाया है, जो पुलिस और प्रशासनिक अमले की सीधी देखरेख में ढांचों को हटाने का काम कर रही हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जब तक सड़क का पूरा हिस्सा साफ नहीं हो जाता, यह अभियान निरंतर जारी रहेगा। इससे पहले बीते 22 मई को भी जयपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) ने इसी रास्ते से 134 अवैध निर्माणों को ढहाया था। उसके बाद संबंधित धार्मिक स्थलों के प्रबंधन से जुड़े लोगों को खुद ही निर्माण हटाने की मोहलत दी गई थी, जिसकी समय-सीमा समाप्त होने के बाद यह कदम उठाया गया है।
80 फीट चौड़े मार्ग पर कनेक्टिविटी और सुगम यातायात का लक्ष्य
राजस्व विभाग के दस्तावेजों के अनुसार, करीब डेढ़ किलोमीटर लंबे इस मुख्य मार्ग की कुल चौड़ाई 80 फीट दर्ज है, लेकिन वर्तमान में अवैध कब्जों के चलते यह सिकुड़कर महज 25 से 30 फीट ही रह गया था। यह सड़क नंदपुरी अंडरपास को सीधे जगतपुरा से जोड़ती है और आसपास की दर्जनों रिहायशी कॉलोनियों के आवागमन का मुख्य जरिया है। प्रशासनिक अधिकारियों का दावा है कि इस चौड़ीकरण के काम के पूरा होने के बाद नंदपुरी, जगतपुरा और मालवीय नगर जैसे बड़े रिहायशी इलाकों के बीच कनेक्टिविटी बेहद शानदार हो जाएगी और लंबे समय से लग रहे ट्रैफिक जाम से लोगों को हमेशा के लिए मुक्ति मिल जाएगी।
अफवाहों को रोकने के लिए आधे शहर में मोबाइल इंटरनेट सेवाओं पर रोक
इस संवेदनशील कार्रवाई के दौरान शहर में शांति और सौहार्द का माहौल बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन ने ऐहतियात के तौर पर आधे जयपुर में मोबाइल इंटरनेट और सोशल मीडिया सेवाओं को पूरी तरह बंद कर दिया है। संभागीय आयुक्त ने इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी करते हुए कहा कि संवेदनशील मौकों पर शरारती तत्वों द्वारा भ्रामक फोटो, वीडियो या संदेश वायरल कर अशांति फैलाने का अंदेशा रहता है, जिसे रोकने के लिए यह अस्थायी प्रतिबंध लगाया गया है। इसके साथ ही पुलिस की साइबर सेल सोशल मीडिया के तमाम प्लेटफॉर्म्स की लगातार मॉनिटरिंग कर रही है और अफवाह फैलाने वालों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।


