More
    Homeबिजनेसदुनिया में अनिश्चितता, फिर भी भारत पर भरोसा; विश्व बैंक ने बताया...

    दुनिया में अनिश्चितता, फिर भी भारत पर भरोसा; विश्व बैंक ने बताया कौन बनेगा गेमचेंजर

    नई दिल्ली | वैश्विक स्तर पर जारी भू-राजनीतिक उथल-पुथल और आर्थिक सुस्ती के थपेड़ों के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था एक अभेद्य दीवार की तरह मजबूती से टिकी हुई है। विश्व बैंक ने भारत की मजबूत आर्थिक बुनियाद की सराहना करते हुए स्पष्ट किया है कि आने वाले समय में भी देश की जीडीपी वृद्धि दर की रफ्तार सबसे तेज बनी रहेगी। अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थान के इस दृढ़ भरोसे के पीछे भारत का सुधरा हुआ कारोबारी माहौल, दुनिया भर के देशों के साथ तेजी से होते द्विपक्षीय व्यापारिक समझौते और देश के प्रमुख विनिर्माण क्षेत्रों, विशेष रूप से खाद्य प्रसंस्करण (फूड प्रोसेसिंग) उद्योग की एक बेहद महत्वपूर्ण भूमिका है।

    मजबूत आंतरिक बुनियादी ढांचे और व्यापार समझौतों से मिला आर्थिक संबल

    विश्व बैंक के भारत में ऑपरेशंस मैनेजर और कार्यवाहक कंट्री डायरेक्टर पॉल प्रोसी ने भारतीय अर्थव्यवस्था की इस कामयाबी पर अपने विचार साझा किए हैं। केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय और विश्व बैंक के साझा तत्वावधान में आयोजित 'सैपलिंग हाई-लेवल पॉलिसी डायलॉग' के दौरान उन्होंने कहा कि भारत के पास स्वयं का एक विशाल घरेलू बाजार है और इसकी बेसलाइन ग्रोथ अत्यधिक टिकाऊ है। उनके विश्लेषण के मुताबिक, भारत सरकार द्वारा लगातार अपने मानव संसाधन के कौशल विकास और व्यापारिक लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर में किया जा रहा भारी निवेश ही इसकी सबसे बड़ी ताकत है। इसके अलावा, विभिन्न विकसित देशों के साथ किए जा रहे मुक्त व्यापार समझौते (FTA) भारतीय बाजार को बाहरी झटकों और वैश्विक मंदी के खतरों से सुरक्षित रख रहे हैं।

    वैश्विक निवेशकों के लिए भारत बना पसंदीदा गंतव्य और विशाल बाजार

    पॉल प्रोसी ने भारत की भौगोलिक और आर्थिक व्यापकता को देखते हुए इसकी तुलना एक पूरे 'महाद्वीप' से की। उन्होंने रेखांकित किया कि भारत सरकार ने एक ऐसा पारदर्शी और सुगम कॉर्पोरेट इकोसिस्टम तैयार किया है, जहां घरेलू और विदेशी दोनों तरह का पूंजी निवेश सीधे निजी क्षेत्र (प्राइवेट सेक्टर) को बढ़ावा दे रहा है। भारत का तेजी से समृद्ध होता मध्यमवर्ग और उसकी विशाल क्रय शक्ति (कंज्यूमर बेस) दुनिया भर के बड़े निवेशकों को भारी मुनाफे की गारंटी दे रहे हैं। इसी कारण से दुनिया के अन्य उभरते बाजारों की तुलना में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) के लिए भारत आज अंतरराष्ट्रीय मंच पर पहली पसंद बनकर उभरा है।

    फूड प्रोसेसिंग सेक्टर बनेगा देश का नया ग्रोथ इंजन और बदलेगी गांवों की तस्वीर

    विश्व बैंक के वरिष्ठ अधिकारी ने अपने संबोधन में 'फूड प्रोसेसिंग' को देश के आर्थिक विकास का अगला सबसे बड़ा संवाहक (ग्रोथ इंजन) करार दिया है। वर्तमान में भी यह सेक्टर भारत के मुख्य विनिर्माण और निर्यात का एक मजबूत स्तंभ है, जिसे और अधिक आधुनिक बनाने के लिए विश्व बैंक व भारत सरकार मिलकर काम कर रहे हैं। इस पहल के तहत किसानों के लिए कोल्ड चेन, मजबूत सप्लाई चेन और प्रत्यक्ष बाजार संपर्क (मार्केट लिंकेज) को दुरुस्त किया जा रहा है। चूंकि भारत की लगभग 60 प्रतिशत आबादी आज भी ग्रामीण अंचलों में निवास करती है, इसलिए इस कृषि-आधारित उद्योग के विस्तार से न केवल काश्तकारों की आय दोगुनी होगी, बल्कि ग्रामीण भारत में बड़े पैमाने पर रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को एक नई गति मिलेगी।

    latest articles

    explore more

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here