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    रिक्त पदों पर भर्ती नहीं होने से बढ़ा असंतोष, विपक्ष ने सरकार को घेरा

    रांची। झारखंड राज्य के निर्माण को ढाई दशक (25 वर्ष) का लंबा समय बीत जाने के उपरांत भी स्थानीय नियोजन नियमावली और सरकारी नौकरियों का मसला प्रदेश में एक बड़ा विवाद बना हुआ है। राज्य के युवाओं, विभिन्न छात्र यूनियनों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों ने रुकी हुई सरकारी भर्तियों तथा खाली पड़े पदों को लेकर वर्तमान सरकार के खिलाफ सीधे तौर पर मोर्चा खोल दिया है। इस संवेदनशील विषय के चलते प्रदेश के सामाजिक और राजनैतिक माहौल में एक बार फिर गर्माहट आ गई है, और युवाओं का गुस्सा सड़कों पर दिखाई देने लगा है।

    हजारों सरकारी पद रिक्त, कछुआ गति से चल रही भर्ती प्रक्रिया पर उठे सवाल

    प्रांत की राजधानी रांची सहित प्रदेश के अलग-अलग जिलों के युवा वर्ग ने सरकारी महकमों में खाली पड़े पदों को तुरंत भरने और एक पारदर्शी परीक्षा कैलेंडर घोषित करने की पुरजोर मांग उठाई है। आक्रोशित अभ्यर्थियों का आरोप है कि शासन के विभिन्न विभागों में स्वीकृत हजारों पद धूल फांक रहे हैं, परंतु उन्हें भरने के लिए अपनाई जा रही प्रक्रिया कछुआ गति से आगे बढ़ रही है। कई महत्वपूर्ण प्रतियोगी परीक्षाओं के अंतिम परिणाम महीनों से दबे पड़े हैं, तो कुछ बड़ी वैधानिक नियुक्तियां प्रशासनिक कमियों और कानूनी मुकदमों के फेर में फंसकर अधर में लटकी हुई हैं। इसके कारण वर्षों से कड़े परिश्रम के साथ तैयारी में जुटे नौजवानों का मनोबल टूट रहा है और उनमें गहरा असंतोष पनप रहा है।

    युवाओं ने दी उग्र आंदोलन की चेतावनी, चुनावी वादों को धरातल पर लाने की मांग

    विभिन्न छात्र संगठनों ने तीखा हमला बोलते हुए कहा कि मौजूदा सत्ता पक्ष ने चुनाव के समय युवाओं को बड़े पैमाने पर सम्मानजनक रोजगार देने के जो लोक-लुभावन वादे किए थे, वे केवल कागजों तक ही सीमित रह गए हैं और धरातल पर उनका कोई प्रभाव नजर नहीं आ रहा है। प्रदर्शनकारी छात्रों ने सरकार को दो टूक चेतावनी दी है कि यदि एक निश्चित समय-सीमा तय करके रिक्त पदों पर विज्ञापन निकालकर नियुक्तियां पूरी नहीं की गईं, तो पूरे राज्य में इस आंदोलन को और अधिक उग्र व व्यापक रूप दिया जाएगा। अभ्यर्थियों के मुताबिक, परीक्षाओं में होने वाली निरंतर देरी की वजह से उनकी उम्र सीमा निकली जा रही है, जिससे उनका भविष्य पूरी तरह अंधकारमय हो गया है।

    विपक्ष ने साधा सरकार पर निशाना, शासन का दावा- अंतिम दौर में हैं नियुक्तियां

    नौकरियों के इस सुलगते मुद्दे ने अब एक बड़ा सियासी रंग अख्तियार कर लिया है, जिससे मुख्य विपक्षी दल भाजपा सहित अन्य विरोधी पार्टियों को सरकार पर चौतरफा हमला बोलने का बड़ा हथियार मिल गया है। विपक्ष ने सरकार पर युवाओं के साथ वादाखिलाफी करने का आरोप मढ़ते हुए कहा है कि शासन हर मोर्चे पर विफल साबित हुआ है, जिसका सीधा असर आगामी चुनावों के नतीजों पर देखने को मिलेगा। दूसरी ओर, सरकार ने अपनी सफाई पेश करते हुए दावा किया है कि राज्य के विभिन्न सरकारी विभागों में चयन की प्रक्रिया सुचारू रूप से चल रही है। सरकारी प्रवक्ताओं के अनुसार, कई प्रमुख विभागों की भर्तियां अपने अंतिम चरण में प्रवेश कर चुकी हैं और बहुत जल्द योग्य उम्मीदवारों को नियुक्ति पत्र सौंपे जाएंगे।

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