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    बिहार में बारिश का जोर, पटना समेत कई इलाकों में जलभराव की आशंका; 22 जिलों पर अलर्ट

    पटना। बिहार के कई इलाकों में मौसम का मिजाज एक बार फिर पूरी तरह बदल गया है। प्रांतीय राजधानी पटना सहित आसपास के अनेक जिलों में गुरुवार तड़के से ही मूसलाधार बारिश का दौर शुरू हो गया। पटना में सुबह के वक्त करीब 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली तूफानी हवाओं के बाद हुई झमाझम बारिश से लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत मिली है। मौसम वैज्ञानिकों ने राज्य के एक बड़े हिस्से के लिए तत्काल प्रभाव से ऑरेंज अलर्ट जारी करते हुए अगले कुछ घंटों में तेज हवाओं, मेघगर्जन और आकाशीय बिजली गिरने की प्रबल आशंका व्यक्त की है।

    इन जिलों में आंधी और वज्रपात की चेतावनी

    प्राकृतिक बदलावों को देखते हुए विभाग ने उत्तर और मध्य बिहार के कई जिलों में विशेष सतर्कता बरतने को कहा है। अररिया, बेगूसराय, दरभंगा, पूर्वी व पश्चिमी चंपारण, गोपालगंज, खगड़िया, मधेपुरा, मधुबनी, मुजफ्फरपुर, पूर्णिया, सहरसा, समस्तीपुर, सारण, शिवहर, सीतामढ़ी, सीवान, सुपौल और वैशाली के कुछ हिस्सों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से अंधड़ चलने और आकाशीय बिजली चमकने के साथ वर्षा होने के आसार हैं। इसके अतिरिक्त पटना, जहानाबाद और अरवल जिलों के लिए भी आपातकालीन चेतावनी जारी की गई है, जहां कुछ ही समय में मध्यम दर्जे की मानसूनी गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं।

    आगामी तीन दिनों तक सक्रिय रहेगा मानसून

    मौसम पूर्वानुमान के अनुसार पूरे प्रदेश में 13 जून की सुबह तक मौसम का यह कड़ा रुख बरकरार रहने की उम्मीद है। इस दौरान उत्तर, पूर्वी और मध्य बिहार के अधिकांश हिस्सों में भारी बारिश के साथ 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवाएं चल सकती हैं। हालात को देखते हुए किशनगंज, कटिहार, भागलपुर, बांका, सुपौल, अररिया, पूर्णिया, मधुबनी, दरभंगा और चंपारण जैसे क्षेत्रों को संवेदनशील (ऑरेंज अलर्ट) श्रेणी में रखा गया है। वहीं दूसरी तरफ गया, नालंदा, भोजपुर, बक्सर, रोहतास और औरंगाबाद सहित दक्षिण-पश्चिमी जिलों के लिए यलो अलर्ट जारी किया गया है।

    प्रशासन ने जारी की सुरक्षा गाइडलाइन

    मौसम में अचानक आए इस बदलाव और बिजली गिरने के बढ़ते खतरों को देखते हुए आम जनता के लिए सुरक्षा परामर्श जारी किया गया है। लोगों से अपील की गई है कि वे खराब मौसम के दौरान ऊंचे पेड़ों, बिजली के खंभों, ट्रांसफार्मर और खुले मैदानों से पूरी तरह दूर रहें और सुरक्षित पक्के मकानों में ही शरण लें। इसके साथ ही ग्रामीण इलाकों में खेती-किसानी करने वाले भाइयों को भी विशेष हिदायत दी गई है कि जब तक आसमान पूरी तरह साफ न हो जाए, तब तक वे खेतों में जाकर काम करने से बचें ताकि किसी भी प्रकार की जनहानि को रोका जा सके।

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