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    खाद्य सुरक्षा पर मंथन: इंदौर में BRICS देशों के कृषि विशेषज्ञों का जमावड़ा

    इंदौर: आर्थिक राजधानी इंदौर में चल रहे पांच दिवसीय अंतरराष्ट्रीय ब्रिक्स (BRICS) कृषि सम्मेलन का आज चौथा दिन है। आज का मुख्य आकर्षण कृषि मंत्रियों का विशेष संवाद सत्र है, जिसका मुख्य विषय ‘लघु किसानों, महिलाओं एवं युवाओं के माध्यम से भविष्य की खाद्य सुरक्षा’ तय किया गया है। भारत की मेजबानी में हो रहे इस भव्य आयोजन में ब्रिक्स देशों और उनके सहयोगी राष्ट्रों समेत लगभग 20 देशों के कृषि मंत्री, आला अधिकारी और कृषि वैज्ञानिक हिस्सा ले रहे हैं। आज के सत्र में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान भी विशेष रूप से मौजूद रहेंगे। दोपहर बाद विदेशी मेहमानों को ऐतिहासिक मांडू किले की सैर कराई जाएगी और रात में एक शानदार गाला डिनर का आयोजन होगा।

    महिलाओं, युवाओं और डिजिटल तकनीक पर केंद्रित रहेगा संवाद

    आज होने वाले विशेष सत्र में कृषि के क्षेत्र में महिलाओं और युवाओं की भागीदारी बढ़ाने को लेकर गंभीर मंथन होगा। इसके साथ ही खेती में आधुनिक डिजिटल तकनीकों के इस्तेमाल, मौसम के अनुकूल कृषि प्रणालियों और टिकाऊ खेती के बेहतरीन मॉडल्स पर गहराई से चर्चा की जाएगी। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य कृषि, खाद्य सुरक्षा, नवाचार और किसानों की आमदनी बढ़ाने के साथ-साथ वैश्विक स्तर पर कृषि सहयोग को मजबूत करना है, जो भारत और मध्य प्रदेश के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

    13 जून को मंत्रियों की मुख्य बैठक और चार प्रमुख मुद्दों पर फोकस

    सम्मेलन के पांचवें और आखिरी दिन यानी 13 जून को ब्रिक्स देशों के कृषि मंत्रियों की मुख्य और निर्णायक बैठक होगी। इस बैठक का पूरा फोकस मुख्य रूप से चार बड़े विषयों पर टिका रहेगा: पहला- खाद्य सुरक्षा, पोषण और आजीविका; दूसरा- कृषि व्यापार और अंतरराष्ट्रीय सहयोग; तीसरा- जलवायु अनुकूल और टिकाऊ कृषि; और चौथा- कृषि प्रणालियों में नवाचार व साझेदारी। इस बैठक के समापन पर सभी सदस्य देशों की सहमति से एक साझा नीतिगत दस्तावेज भी जारी किया जाएगा।

    'ब्रिक्स वाटिका' की स्थापना और मध्य प्रदेश को वैश्विक मंच

    इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन को यादगार बनाने और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने के लिए एक विशेष ‘ब्रिक्स वाटिका’ तैयार की जा रही है, जहां सभी देशों के प्रतिनिधि मिलकर पौधारोपण करेंगे। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि इस बड़े आयोजन से मध्य प्रदेश को वैश्विक स्तर पर कृषि, निवेश और फूड प्रोसेसिंग के क्षेत्र में एक नई पहचान मिलेगी, जिससे भविष्य में राज्य से कृषि निर्यात की संभावनाएं काफी बढ़ जाएंगी।

     

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