साहिबगंज। झारखंड के मालदा रेल मंडल के अंतर्गत आने वाले बरहरवा रेलवे स्टेशन पर रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। रांची से भागलपुर की ओर जा रही वनांचल एक्सप्रेस ट्रेन में सघन चेकिंग अभियान चलाकर आरपीएफ ने 174 पीस चोरी के मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इसके साथ ही इस अवैध खेप को ले जा रहे दो तस्करों को भी दबोचा गया है। जब्त किए गए सभी स्मार्टफोन की अनुमानित कीमत करीब 58.95 लाख रुपये बताई जा रही है। पकड़े गए दोनों आरोपी पड़ोसी राज्य पश्चिम बंगाल के मालदा जिले के कालियाचक इलाके के रहने वाले हैं। आरपीएफ को खुफिया तंत्र से इनपुट मिला था कि ट्रेन संख्या 13403 अप वनांचल एक्सप्रेस के सामान्य डिब्बे में दो यात्री भारी मात्रा में संदिग्ध मोबाइल लेकर सफर कर रहे हैं, जिसके बाद यह त्वरित कार्रवाई की गई।
चलती ट्रेन में घेराबंदी कर दबोचे गए तस्कर
पुख्ता जानकारी मिलते ही आरपीएफ के इंस्पेक्टर के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई, जिसमें सीपीडीएस और आरपीएफ के जवानों को शामिल किया गया। सुरक्षाबलों ने गुमानी स्टेशन से लेकर बरहरवा रेलवे स्टेशन के बीच ट्रेन के भीतर एक व्यापक तलाशी अभियान शुरू किया। इस सघन जांच के दौरान ट्रेन के जनरल कोच में दो युवक बड़े-बड़े पिट्ठू बैग के साथ बेहद संदेहास्पद स्थिति में दिखाई दिए। पुलिस टीम को अपनी तरफ आता देख दोनों घबरा गए और चलती ट्रेन से कूदकर भागने की कोशिश करने लगे। हालांकि, मुस्तैद जवानों ने सूझबूझ का परिचय देते हुए घेराबंदी कर दोनों को ट्रेन के भीतर ही दबोच लिया। पूछताछ में उनकी पहचान मोहम्मद नासरुद्दीन शेख (28 वर्ष) और मोहम्मद रहमत शेख (23 वर्ष) के रूप में हुई।
बिना वैध कागजात के मिले 58 लाख के स्मार्टफोन
बरहरवा स्टेशन पर ट्रेन रुकने के बाद सुरक्षाबलों ने जब दोनों आरोपियों के बैगों की बारीकी से तलाशी ली, तो उनके भीतर से कुल 174 पुराने और इस्तेमाल किए जा चुके एंड्रॉइत फोन बरामद हुए। इनमें से 85 मोबाइल नासरुद्दीन के पास से और 89 फोन रहमत के बैग से मिले। बाजार में इन फोन्स की कुल कीमत 58,95,878 रुपये आंकी गई है। जब पुलिस ने इनसे इन मोबाइलों की खरीद या मालिकाना हक से जुड़े वैध कागजात मांगे, तो वे कोई भी दस्तावेज या संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। इसके बाद भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की उचित धाराओं के तहत सभी मोबाइलों को जब्त कर लिया गया और दोनों आरोपियों को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए बरहरवा जीआरपी (रेल थाना) के हवाले कर दिया गया।
अंतरराज्यीय मोबाइल चोर सिंडिकेट की आशंका
आरपीएफ और स्थानीय रेल पुलिस के शुरुआती कयासों के अनुसार, यह मामला किसी बड़े अंतरराज्यीय मोबाइल चोर गिरोह से जुड़ा हुआ है। आशंका जताई जा रही है कि एक संगठित सिंडिकेट अलग-अलग राज्यों और शहरों से लोगों के कीमती मोबाइल फोन चोरी या छिनैती कर इन्हें ठिकाने लगाने का काम करता है। फिलहाल पुलिस और खुफिया एजेंसियां पकड़े गए दोनों तस्करों से कड़ाई से पूछताछ कर रही हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस रैकेट का मुख्य सरगना कौन है, इन्हें यह खेप किसने सौंपी थी और इसे आगे कहां बेचा जाना था। जांच पूरी होने के बाद इस पूरे सिंडिकेट में शामिल अन्य चेहरों का भी पर्दाफाश होने की उम्मीद है।


