जैसलमेर। भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय बॉर्डर के नजदीक राजस्थान के जैसलमेर जिले में सुरक्षा और खुफिया तंत्र ने एक बड़ी और रणनीतिक सफलता हासिल करते हुए एक संदिग्ध युवक को अपनी कस्टडी में लिया है। सुरक्षा एजेंसियों को पिछले काफी समय से इस युवक की दैनिक गतिविधियों और संदिग्ध संपर्कों को लेकर गोपनीय इनपुट मिल रहे थे, जिसके बाद एक संयुक्त ऑपरेशन चलाकर उसे दबोच लिया गया। फिलहाल विभिन्न सुरक्षा और जांच एजेंसियां देश की सुरक्षा से जुड़े बेहद संवेदनशील और गुप्त मुद्दों को लेकर युवक से कड़ाई से पूछताछ कर रही हैं।
संदिग्ध की पहचान और सीमा पार संपर्क की आशंका
प्रशासनिक सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, हिरासत में लिए गए इस युवक का नाम मुश्ताक अली है, जो स्थानीय सीमावर्ती क्षेत्र का ही रहने वाला बताया जा रहा है। वह पिछले कुछ समय से सुरक्षा एजेंसियों की रडार पर चल रहा था। शुरुआती जांच और खुफिया इनपुट के आधार पर यह अंदेशा जाहिर किया जा रहा है कि युवक सरहद पार बैठे राष्ट्र विरोधी तत्वों और जासूसी नेटवर्क को भारत के सीमावर्ती इलाकों से जुड़ी महत्वपूर्ण व संवेदनशील जानकारियां लीक करने के काम में लिप्त हो सकता है। हालांकि, मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए अभी तक किसी भी उच्चाधिकारी या जांच एजेंसी ने इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।
खुफिया एजेंसियों ने बिछाया जाल, संयुक्त टीम ने दबोचा
इस पूरे ऑपरेशन को बेहद गोपनीय तरीके से अंजाम दिया गया, ताकि आरोपी को भनक न लग सके। युवक के संचार माध्यमों और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के बाद राज्य विशेष शाखा (स्टेट स्पेशल ब्रांच) की तकनीकी सेल, बीआई स्टाफ पोकरण और नाचना थाना पुलिस की एक संयुक्त विंग का गठन किया गया था। इस संयुक्त सुरक्षा दल ने सुनियोजित रणनीति के तहत चिन्हित ठिकाने पर अचानक छापेमारी कर युवक को अपनी गिरफ्त में ले लिया। कार्रवाई के दौरान पूरी तरह गोपनीयता बरती गई और गिरफ्तारी के तुरंत बाद युवक को एक अज्ञात व सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट कर दिया गया है, जहां देश की विभिन्न खुफिया विंग्स उससे संयुक्त पूछताछ कर रही हैं।
डिजिटल रिकॉर्ड खंगालने में जुटी एजेंसियां, बॉर्डर पर अलर्ट
पकड़े गए संदिग्ध के पास से बरामद मोबाइल फोन, इंटरनेट मीडिया अकाउंट्स, कॉल डिटेल रिकॉर्ड्स (सीडीआर) और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की फोरेंसिक व तकनीकी जांच शुरू कर दी गई है। सुरक्षा एजेंसियां इस बात की गहराई से तफ्तीश कर रही हैं कि युवक पिछले दिनों किन-किन लोगों के संपर्क में था, उसने कौन से डिजिटल डेटा ट्रांसफर किए और क्या इस नेटवर्क में स्थानीय स्तर पर कुछ और लोग भी उसके मददगार बने हुए थे। इस बड़ी कार्रवाई के बाद जैसलमेर से सटी अंतरराष्ट्रीय सीमा पर चौकसी और ज्यादा कड़ी कर दी गई है तथा संदिग्धों पर पैनी नजर रखी जा रही है।


