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    अमेरिका की कड़ी कार्रवाई, नॉर्थ कोरिया को तकनीकी उपकरण भेजना हुआ और मुश्किल

    वॉशिंगटन: अमेरिका ने उत्तर कोरिया को किए जाने वाले कुछ खास चिकित्सा उपकरणों के निर्यात नियमों को और ज्यादा सख्त कर दिया है। अमेरिकी वित्त विभाग के अंतर्गत आने वाले 'ऑफिस ऑफ फॉरेन एसेट्स कंट्रोल' (OFAC) ने उन मेडिकल उपकरणों की एक विस्तृत सूची जारी की है, जिन्हें उत्तर कोरिया भेजने के लिए अब अमेरिकी सरकार से विशेष आधिकारिक अनुमति लेना अनिवार्य होगा। नए आदेश के मुताबिक, इन उपकरणों को अब सामान्य लाइसेंस की श्रेणी से बाहर कर दिया गया है। इससे पहले तक उत्तर कोरिया को मानवीय आधार पर कुछ कृषि उत्पादों, दवाइयों और सामान्य चिकित्सा उपकरणों के निर्यात की छूट मिली हुई थी, लेकिन यह नया प्रतिबंध तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है।

    इन महत्वपूर्ण उपकरणों के निर्यात पर लगी रोक:

    अमेरिकी सरकार द्वारा जारी सूची के अनुसार, अब निम्नलिखित उपकरणों को बिना विशेष मंजूरी के उत्तर कोरिया नहीं भेजा जा सकेगा:

    • श्वसन और इमेजिंग उपकरण: ऑक्सीजन जनरेटर, एक लीटर प्रति मिनट से ज्यादा क्षमता वाले पंप, गामा इमेजिंग उपकरण, टैक्टाइल इमेजिंग उपकरण और थर्मोग्राफी मशीनें।

    • लैब और सुरक्षा उपकरण: फ्रीज-ड्राइंग व स्प्रे-ड्राइंग सिस्टम, डीकंटैमिनेशन शॉवर, प्रयोगशाला शेकर्स, इन्क्यूबेटर शेकर्स और कार्बन डाइऑक्साइड इन्क्यूबेटर।

    सैन्य इस्तेमाल की आशंका के चलते लिया गया फैसला

    अंतरराष्ट्रीय मामलों के विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका ने यह कदम उन 'दोहरे उपयोग' (Dual-use) वाले उपकरणों पर लगाम कसने के लिए उठाया है, जिनका इस्तेमाल नागरिक स्वास्थ्य सेवाओं के साथ-साथ सैन्य या जैविक गतिविधियों में भी किया जा सकता है। यह प्रतिबंध ऐसे समय में लगाया गया है जब प्योंगयांग अपने मिसाइल और परमाणु कार्यक्रमों को लगातार धार दे रहा है, और परमाणु निरस्त्रीकरण को लेकर अमेरिका व दक्षिण कोरिया के साथ उसकी बातचीत लंबे समय से पूरी तरह बंद है।

    G7 शिखर सम्मेलन में ट्रंप और दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति की मुलाकात पर सस्पेंस

    पेरिस: दूसरी ओर, आगामी सप्ताह फ्रांस के एवियन शहर में होने वाले जी-7 (G7) शिखर सम्मेलन के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति ली जे म्युंग के बीच होने वाली संभावित द्विपक्षीय मुलाकात को लेकर सस्पेंस बना हुआ है। दक्षिण कोरिया के एक उच्च पदस्थ अधिकारी ने बयान जारी कर कहा है कि दोनों शीर्ष नेताओं के बीच आमने-सामने की वार्ता होगी या नहीं, इस पर अभी कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी।

    गौरतलब है कि फ्रांस में सोमवार से बुधवार तक आयोजित होने वाले इस सम्मेलन में दक्षिण कोरिया को लगातार दूसरे साल एक साझेदार देश के रूप में आमंत्रित किया गया है। अधिकारी ने स्पष्ट किया कि यदि सम्मेलन के दौरान दोनों नेताओं को समय मिलता है तो बातचीत निश्चित रूप से संभव है, लेकिन फिलहाल इस रणनीतिक बैठक को लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की जा सकती।

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