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    जयपुर हमले के बाद अभिजीत दीपके का बड़ा दावा, RSS कार्यकर्ताओं पर लगाए आरोप

    जयपुर। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रमुख अभिजीत दीपके पर सोमवार (15 जून) को एक विरोध प्रदर्शन के दौरान अचानक हमला कर दिया गया, जिसमें एक अज्ञात युवक ने उन्हें थप्पड़ मार दिया। इस घटना के बाद मंगलवार (16 जून) को दीपके ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि इस हमले के पीछे 'राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़े कुछ तत्वों' का हाथ था। उन्होंने यह भी दावा किया कि इस हिंसक कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य असल मुद्दों से जनता का ध्यान भटकाना और हक के लिए लड़ रहे छात्रों की आवाज को बेरहमी से कुचलना है।

    जब उनसे इस हमले के मुख्य साजिशकर्ताओं के बारे में तीखा सवाल किया गया, तो दीपके ने सीधे तौर पर आरोप मढ़ा कि वहां आरएसएस के लोग सक्रिय थे और ऐसी घटनाओं में उनके लिए कुछ भी नया नहीं है। उन्होंने कहा कि देश में जब भी कोई वर्तमान सरकार या उसकी राजनीतिक विचारधारा के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करता है, तो उसे डराने के लिए इस तरह के हथकंडों का सहारा लिया जाता है।

    नीट पेपर लीक के खिलाफ विरोध प्रदर्शन

    यह पूरा विवाद नीट-यूजी (NEET-UG) प्रवेश परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक होने के मामले से जुड़ा है। सीजेपी इस धांधली को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के तत्काल इस्तीफे की मांग कर रही है। इसी सिलसिले में जयपुर के संविधान चौक पर आयोजित प्रदर्शन के अगले ही दिन मंगलवार सुबह दीपके नागपुर हवाई अड्डे पहुंचे। इससे पहले सोमवार को जयपुर में आंदोलन के दौरान दो सिरफिरे युवकों ने दीपके के साथ हाथापाई की थी, जिन्हें पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए हिरासत में ले लिया है। हमलावरों के आरएसएस से जुड़े होने और शीर्ष नेताओं से मुलाकात के दावों पर दीपके ने पलटवार करते हुए कहा कि क्या इसी रसूख के बल पर उन्होंने मुझ पर सरेआम हमला करने का साहस किया।

    दबाव के आगे नहीं झुकने का संकल्प

    अपने इरादों को साफ करते हुए अभिजीत दीपके ने कहा कि वे इन कायराना हमलों से डरकर अपने मुख्य मार्ग से पीछे नहीं हटेंगे। विरोधियों को चुनौती देते हुए उन्होंने कहा कि वे चाहे जितने भी प्रहार कर लें, छात्रों के भविष्य के लिए यह आंदोलन पूरी तरह से शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से जारी रहेगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह लड़ाई एक करोड़ से अधिक छात्र-छात्राओं के भविष्य और उनके साथ हुए घोर अन्याय से जुड़ी है, इसलिए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस पूरे मामले की नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार करनी ही होगी।

    गांधी और आंबेडकर के रास्ते पर सत्याग्रह

    दीपके ने आगे कहा कि वे राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और बाबासाहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर के दिखाए गए अहिंसक मार्ग के अनुयायी हैं। यह उनका एक तरह का वैचारिक सत्याग्रह है, जिसे वे पूरी शांति के साथ आगे बढ़ाते रहेंगे। उन्होंने नागपुर के आम नागरिकों, जागरूक छात्रों और युवाओं से अपील की कि वे मंगलवार शाम 4 बजे संविधान चौक पर होने वाले शांतिपूर्ण मार्च में अधिक से अधिक संख्या में शामिल हों।

    सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त

    इस बीच, नीट-यूजी पेपर लीक मामले को लेकर केंद्रीय मंत्री के इस्तीफे की जिद पर अड़ी सीजेपी के इस आंदोलन को देखते हुए नागपुर प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। स्थानीय पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, इस प्रदर्शन में 2,000 से भी ज्यादा युवाओं के जुटने की संभावना है। इसी संभावित भीड़ और सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए पुलिस बल ने शहर के तमाम संवेदनशील और मुख्य चौराहों पर सुरक्षा के बेहद कड़े इंतजाम किए हैं ताकि कानून व्यवस्था की स्थिति न बिगड़े।

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