कोटा। राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता अशोक गहलोत ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के प्रस्तावित कोटा आगमन से पहले भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के स्थानीय दफ्तर पर बेहद संगीन आरोप मढ़े हैं। गहलोत का स्पष्ट दावा है कि राहुल गांधी के आगामी छात्र संवाद कार्यक्रम को लेकर युवाओं में जो जबरदस्त क्रेज और रुचि देखी जा रही है, उससे घबराकर स्थानीय कोचिंग सेंटरों, हॉस्टलों और पीजी (पेइंग गेस्ट) संचालकों पर प्रशासनिक व राजनैतिक दबाव बनाया जा रहा है ताकि छात्र इस आयोजन का हिस्सा न बन सकें।
पूर्व मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया हैंडल 'एक्स' पर अपनी बात साझा करते हुए बताया कि 17 जून को राहुल गांधी कोटा में देश के भविष्य यानी छात्र-छात्राओं से सीधा संवाद करेंगे। इस विशेष चर्चा का मुख्य एजेंडा नीट-यूजी (NEET-UG) प्रवेश परीक्षा में हुई कथित धांधली, प्रश्नपत्र लीक और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े युवाओं के तमाम ज्वलंत मुद्दे हैं। उन्होंने दावा किया कि इस टॉक शो को लेकर युवा वर्ग और छात्र संगठनों में अभूतपूर्व उत्साह है और हजारों की तादाद में बच्चे इस मंच पर अपनी बात रखने के लिए लालायित हैं।
लोकसभा अध्यक्ष के दफ्तर पर धमकाने का आरोप
कांग्रेस के दिग्गज नेता ने भाजपा पर प्रहार करते हुए कहा कि युवाओं के इस भारी हुजूम और जोश को देखकर सत्तापक्ष के खेमे में खलबली मच गई है। उन्होंने सीधे तौर पर आरोप लगाया कि कोटा-बूंदी संसदीय क्षेत्र के सांसद और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के दफ्तर से जुड़े लोगों द्वारा कोचिंग संस्थानों, लॉज और गेस्ट हाउस मालिकों को बकायदा फोन किए जा रहे हैं। इन फोन कॉल्स के जरिए संचालकों को सख्त हिदायत और धमकी दी जा रही है कि वे किसी भी कीमत पर छात्रों को राहुल गांधी के कार्यक्रम में शामिल होने की अनुमति न दें। गहलोत ने तीखा तंज कसते हुए कहा कि देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर आसीन व्यक्ति के कार्यालय से ऐसी संकीर्ण और अलोकतांत्रिक सोच की उम्मीद कतई नहीं की जा सकती।
एजुकेशन हब में गूंजेगी पेपर लीक और रोजगार की आवाज
पार्टी सूत्रों के मुताबिक, राहुल गांधी का यह कोटा दौरा देश के अलग-अलग हिस्सों में आयोजित होने वाले व्यापक छात्र सम्मेलनों की एक सोची-समझी कड़ी का पहला और सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव है। कांग्रेस का मानना है कि इन सार्वजनिक और खुले मंचों के माध्यम से देश की मौजूदा परीक्षा प्रणाली में व्याप्त कमियों, आए दिन होने वाले पेपर लीक और बेरोजगारी से त्रस्त युवाओं की दबी हुई आवाज को एक राष्ट्रीय मंच प्रदान किया जाएगा।
देश के अन्य बड़े शहरों में भी जुटेंगे छात्र
इस देशव्यापी छात्र आंदोलन की रूपरेखा को लेकर कांग्रेस महासचिव (संगठन) केसी वेणुगोपाल ने बताया कि कोटा में इस अभियान की शुरुआत के बाद आगामी 10 जुलाई को उत्तर प्रदेश के प्रयागराज (इलाहाबाद), 11 जुलाई को बिहार की राजधानी पटना और 14 जुलाई को देश की राजधानी दिल्ली में विशाल छात्र महासम्मेलन आयोजित किए जाएंगे। इन सभी कार्यक्रमों में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे अभ्यर्थी, देश के प्रमुख युवा संगठन, छात्र और प्रतिष्ठित शिक्षाविद् एक साथ बैठेंगे। इन आयोजनों का एकमात्र लक्ष्य देश की युवा शक्ति से सीधा संपर्क साधकर उनकी जमीनी समस्याओं, चिंताओं और आकांक्षाओं को संसद से लेकर सड़क तक पूरी मजबूती से उठाना है।


