श्रीलंका में खेली जा रही त्रिकोणीय 'ए' सीरीज के दौरान मैदान पर अमर्यादित व्यवहार करना मेजबान टीम के खिलाड़ियों को भारी पड़ गया है। श्रीलंका क्रिकेट (SLC) द्वारा नियुक्त आधिकारिक मैच रेफरी प्रदीप जयप्रकाश ने सख्त रुख अख्तियार करते हुए श्रीलंकाई क्रिकेटर विशेन हालमबागे और अनुभवी विकेटकीपर निरोशन डिकवेला पर अलग-अलग मामलों में अनुशासनात्मक कार्रवाई की है। यह पूरी कार्रवाई भारत-ए के खिलाफ दांबुला में खेले गए बेहद रोमांचक और तनावपूर्ण मुकाबले के दौरान खेल भावना के विपरीत आचरण करने के कारण की गई है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, विकेटकीपर डिकवेला को मैदान पर अंपायर से जरूरत से ज्यादा और आक्रामक अपील करने का दोषी पाया गया है।
जीत के जश्न में अश्लील टिप्पणी और हाथापाई की नौबत
दिलचस्प बात यह है कि मैच के दौरान सीनियर खिलाड़ी डिकवेला ने ही भारतीय बल्लेबाजी सनसनी वैभव सूर्यवंशी और हालमबागे के बीच उपजे गंभीर विवाद को बीच-बचाव कर शांत कराया था। हालांकि, बाद में खुद हालमबागे ने खेल की मर्यादा तोड़ दी। उन पर आरोप है कि सुपर ओवर में श्रीलंका को मिली जीत के ठीक बाद उन्होंने भारतीय बल्लेबाजों को निशाना बनाते हुए बेहद उकसाने वाली और आपत्तिजनक टिप्पणियां कीं। उनकी इस हरकत की वजह से भारत के 15 वर्षीय स्टार खिलाड़ी वैभव सूर्यवंशी के साथ मैदान पर ही लगभग मारपीट और हाथापाई की स्थिति निर्मित हो गई थी।
जानिए सुपर ओवर की आखिरी गेंद पर क्या हुआ था पूरा ड्रामा
मैदान पर उपजे इस हाई-वोल्टेज ड्रामे की शुरुआत सुपर ओवर की अंतिम गेंद के बाद हुई:
सुपर ओवर की आखिरी गेंद पर भारत-ए को जीत के लिए असंभव नजर आने वाले 8 रनों की दरकार थी। श्रीलंका के गेंदबाज कुगाथस माथुलन ने वैभव सूर्यवंशी को एक सटीक यॉर्कर फेंकी, जिस पर वैभव कोई बड़ा शॉट नहीं खेल सके और भारत मैच हार गया।
जीत मिलते ही गेंदबाज माथुलन और श्रीलंका-ए के तमाम खिलाड़ी मैदान पर उग्र जश्न मनाने लगे। इसी बीच हालमबागे ने मर्यादा लांघते हुए वैभव सूर्यवंशी के काफी करीब जाकर उन पर छींटाकशी की।
तीखी नोकझोंक के दौरान जब हालमबागे लगातार उकसाते हुए वैभव के बिल्कुल पास आ गए, तो खुद को बचाने और दूर करने के लिए युवा भारतीय बल्लेबाज वैभव को उन्हें हाथ से धक्का देना पड़ा।
साथी खिलाड़ियों द्वारा दूर ले जाने के बावजूद वैभव का गुस्सा शांत नहीं हो रहा था और वे पीछे हटते हुए भी श्रीलंकाई खिलाड़ी को लगातार खरी-खोटी सुनाते और अपना विरोध दर्ज कराते नजर आए।
भारतीय खेमे पर क्या एक्शन हुआ? सस्पेंस बरकरार
इस पूरे विवाद में श्रीलंकाई खिलाड़ियों पर तो गाज गिर चुकी है, लेकिन उन्हें असल में क्या सजा (जुर्माना या बैन) मिली है, इसका आधिकारिक ब्योरा आना अभी बाकी है। दूसरी ओर, भारतीय खेमे को लेकर भी स्थिति अभी पूरी तरह साफ नहीं हो सकी है। इस बात की पुष्टि नहीं हुई है कि वैभव सूर्यवंशी और कप्तान तिलक वर्मा सहित अन्य भारतीय खिलाड़ियों को मैच रेफरी ने सिर्फ मौखिक चेतावनी देकर छोड़ दिया है या उनके खिलाफ भी कोई दंडात्मक कार्रवाई की गई है।
गौरतलब है कि मैच के दौरान कप्तान तिलक वर्मा समेत कई भारतीय खिलाड़ियों की मैदानी अंपायरों के साथ काफी लंबी और तीखी बहस हुई थी। भारतीय टीम प्रबंधन का मानना था कि मैदान पर रोशनी बेहद कम (बैड लाइट) थी, इसके बावजूद अंपायरों ने सुपर ओवर कराने का फैसला किया, जिससे खेल के परिणाम पर असर पड़ा। फिलहाल मैच रेफरी की अंतिम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।


