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    Homeराज्यछत्तीसगढ़खाद गोदाम सील, उर्वरक और बीज जब्त

    खाद गोदाम सील, उर्वरक और बीज जब्त

    रायपुर :  खरीफ सीजन में किसानों को गुणवत्तापूर्ण खाद-बीज उपलब्ध कराने और अवैध कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए जिला प्रशासन बलौदाबाजार द्वारा लगातार कार्रवाई की जा रही है। जिलेभर में कृषि केंद्रों पर चलाए जा रहे सघन जांच अभियान के तहत बुधवार को बिना लाइसेंस खाद और बीज बेचने के मामले में एक गोदाम सील कर बड़ी मात्रा में उर्वरक और बीज जब्त किए गए। वहीं, अलग-अलग स्थानों पर संदिग्ध खाद की बिक्री और स्टॉक में गड़बड़ी मिलने पर भी कार्रवाई की गई है।

    बलौदाबाजार विकासखंड के ग्राम सरखोर स्थित गोवर्धन कृषि केंद्र के औचक निरीक्षण में पाया गया कि संचालक चंदाराम वर्मा बिना वैध अनुज्ञप्ति के किसानों को बीज और उर्वरकों का विक्रय कर रहे थे। उनके पास केवल कीटनाशक विक्रय का लाइसेंस था। जांच के दौरान यह भी पता चला कि विकास ट्रेडर्स के नाम से संचालित एक अन्य गोदाम में 7.75 मीट्रिक टन उर्वरक का अवैध भंडारण किया गया था, जबकि गोवर्धन कृषि केंद्र के गोदाम में 12.5 क्विंटल बीज भी बिना अनुमति के रखा गया था। प्रशासन ने इसे उर्वरक नियंत्रण आदेश, 1985, बीज नियंत्रण आदेश, 1983 तथा आवश्यक वस्तु अधिनियम का उल्लंघन मानते हुए तत्काल 7.75 मीट्रिक टन उर्वरक और 12.5 क्विंटल बीज जब्त कर गोदाम सील कर दिया और संचालक को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।

    पलारी विकासखंड के ग्राम देवसुन्द्रा में किसानों से मिली सूचना पर प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई की। सूचना थी कि कुछ लोग पिकअप वाहन से रायपुर से खाद लाकर किसानों को बेच रहे हैं। तहसीलदार ईश्वर केंवट और निरीक्षक सुचिन वर्मा मौके पर पहुंचे। हालांकि संबंधित व्यक्ति मौके से फरार हो गया। वाहन की तलाशी में पुलकित बायो फर्टिलाइजर प्राइवेट लिमिटेड, गुरुग्राम (हरियाणा) का 13 बोरी दानेदार सॉयल कंडीशनर और 12 बोतल ह्यूमिक एसिड बरामद कर जब्त किया गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यह सामग्री किसानों को 1,400 रुपये प्रति बोरी की दर से बेची जा रही थी। अधिकारियों ने बताया कि खाद की पैकिंग और दाने डीएपी जैसे बनाए गए थे, ताकि किसानों को भ्रमित कर आसानी से बेचा जा सके। मामले में उर्वरक नियंत्रण आदेश, 1985 और आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा रही है।

    जिला स्तरीय उड़नदस्ता दल ने कसडोल में संचालित जोगी कृषि केंद्र और आचार्य कृषि सेवा केंद्र के निरीक्षण के दौरान दोनों केंद्रों पर पीओएस मशीन में दर्ज स्टॉक और भौतिक रूप से उपलब्ध स्टॉक में अंतर पाया गया। इस अनियमितता पर दोनों विक्रेताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। जिला प्रशासन का कहना है कि किसानों के हितों की रक्षा और नकली अथवा अवैध खाद-बीज के कारोबार पर रोक लगाने के लिए जिले में जांच अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।
     

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