जयपुर। राजस्थान में दक्षिण-पश्चिम मानसून की राह देख रहे लोगों के लिए मौसम विभाग ने नया अपडेट जारी किया है, जिसके मुताबिक इस साल प्रदेश में मानसून का आगमन अपनी तय तारीख से कुछ दिन विलंब से हो सकता है। आमतौर पर राजस्थान में मानसून के प्रवेश की संभावित तिथि 25 जून के आसपास मानी जाती है, परंतु वर्तमान स्थिति में मानसून अभी राज्य की सीमा से लगभग एक हजार किलोमीटर दूर बना हुआ है। इस समय दक्षिण-पश्चिम मानसून तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार की तरफ तेजी से अग्रसर है। मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि अगले 4 से 5 दिनों के भीतर यह इन राज्यों के शेष हिस्सों सहित छत्तीसगढ़ में अपनी उपस्थिति दर्ज करा सकता है।
प्री-मानसून गतिविधियों से मौसम रहेगा खुशनुमा
भले ही मुख्य मानसून के आने में अभी वक्त हो, परंतु राजस्थान में प्री-मानसून की हलचल काफी तेज हो गई है। इसके प्रभाव से आगामी कुछ दिनों तक राज्य के विभिन्न हिस्सों में तेज आंधी, बादलों की गर्जना और वर्षा का सिलसिला जारी रहने की उम्मीद है। बंगाल की खाड़ी से आ रही नम हवाओं और मध्य भारत के ऊपर बने एक चक्रवाती तंत्र के कारण जयपुर, अजमेर, दौसा, कोटा, उदयपुर, डूंगरपुर, बांसवाड़ा और भरतपुर संभाग के जिलों में आंधी-पानी के लिए परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल बनी हुई हैं।
पिछले पांच वर्षों में मानसून की चाल
राजस्थान के दक्षिणी जिलों जैसे झालावाड़, बांसवाड़ा, डूंगरपुर और प्रतापगढ़ के रास्ते मानसून अमूमन जून के आखिरी सप्ताह में प्रवेश करता है। अगर बीते पांच सालों के आंकड़ों पर नजर डालें तो मानसून की आमद में लगातार बदलाव देखने को मिले हैं। साल 2025 में इसने 18 जून के आसपास दक्षिणी छोर से समय से पहले प्रवेश किया था, जबकि 2024 में यह 28 जून और 2023 में ठीक 25 जून को पहुंचा था। वहीं, साल 2022 में इसने 30 जून को थोड़ी देरी से दस्तक दी थी, जबकि 2021 में यह 18 जून को ही आ गया था। इस बार शुरुआती सुस्ती के कारण इसके जून के अंतिम सप्ताह तक पहुंचने के आसार जताए जा रहे हैं।
भीषण गर्मी और हीटवेव से मिलेगी बड़ी राहत
मौसम केंद्र के अनुसार आगामी तीन से पांच दिनों तक राजस्थान के अधिकांश क्षेत्रों में मौसम का मिजाज सुहाना बना रहेगा। पूर्वी और दक्षिणी अंचलों में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम दर्जे की बारिश दर्ज की जा सकती है। इस दौरान कई इलाकों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से अंधड़ चलने और बिजली चमकने की चेतावनी भी दी गई है। इस मौसमी बदलाव की वजह से दिन के पारे में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक की कमी आने की संभावना है, जिससे लोगों को झुलसाने वाली गर्मी से निजात मिलेगी और फिलहाल लू (हीटवेव) चलने की आशंका भी समाप्त हो गई है।


