समीक्षा बैठक में जिला कलक्टर ने दिए निर्देश, मरम्मत के बाद ही सुरक्षित भवनों का होगा उपयोग
अलवर। जिला कलक्टर डॉ. आर्तिका शुक्ला ने गुरुवार को जिले के असुरक्षित, जर्जर एवं क्षतिग्रस्त भवनों की समीक्षा बैठक लेकर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि असुरक्षित घोषित भवनों एवं कमरों का किसी भी स्थिति में उपयोग नहीं किया जाए और आवश्यक होने पर वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
पांच दिन में मांगी नई सर्वे रिपोर्ट
बैठक में जिला कलक्टर ने सार्वजनिक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के अधिकारियों को निर्देश दिए कि आगामी पांच दिनों के भीतर जिले के सभी सरकारी विद्यालयों, चिकित्सा संस्थानों एवं अन्य विभागीय भवनों की नवीनतम सर्वे रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। रिपोर्ट में प्रत्येक भवन के स्थायी एवं वैकल्पिक समाधान का स्पष्ट उल्लेख भी किया जाए।
उन्होंने बताया कि अब तक लगभग 10 करोड़ रुपये की लागत से 300 से अधिक भवनों की मरम्मत कराई जा चुकी है। जिन भवनों के लिए राशि स्वीकृत हो चुकी है, उनके कार्य गुणवत्ता के साथ शीघ्र पूरे करने के निर्देश भी दिए गए।
सुरक्षित होने के बाद ही होगा उपयोग
डॉ. आर्तिका शुक्ला ने मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को निर्देशित किया कि अंतिम सर्वे रिपोर्ट के आधार पर असुरक्षित पाए गए भवनों में विद्यालय, कार्यालय अथवा चिकित्सा सेवाओं का संचालन नहीं किया जाए। जिन भवनों के कुछ हिस्से जर्जर हैं, वहां चेतावनी सूचना चस्पा कर उन्हें बंद रखा जाए तथा बैरिकेडिंग की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने कहा कि जिन भवनों की मरम्मत पूरी हो चुकी है, उनकी पुनः तकनीकी जांच कर सुरक्षित पाए जाने के बाद ही उपयोग शुरू किया जाए।
निजी जर्जर भवनों पर भी होगी कार्रवाई
जिला कलक्टर ने नगरीय निकायों एवं पंचायती राज विभाग को निर्देश दिए कि सरकारी भवनों के साथ-साथ निजी जर्जर भवनों की भी रिपोर्ट तैयार की जाए। भवन मालिकों को मरम्मत अथवा ध्वस्तीकरण के लिए नोटिस जारी किए जाएं। निर्धारित समय सीमा में कार्रवाई नहीं होने पर संबंधित विभाग सार्वजनिक सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए भवन को ध्वस्त करेगा और पूरा खर्च दंड सहित भवन स्वामी से वसूला जाएगा।
जलभराव रोकने और नियमित निगरानी के निर्देश
बैठक में सभी सरकारी भवनों की छतों की सफाई, परिसर में जलभराव रोकने तथा जल निकासी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। उन्होंने बताया कि इस कार्य की प्रतिदिन अतिरिक्त जिला कलक्टर प्रथम स्तर पर समीक्षा की जाएगी तथा साप्ताहिक समीक्षा स्वयं जिला प्रशासन करेगा।
बैठक में मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी महेश गुप्ता, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. योगेन्द्र शर्मा, डीडी आईसीडीएस महेश गुप्ता, सार्वजनिक निर्माण विभाग की अधिशासी अभियंता श्रीमती अल्का व्यास सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
मिशनसच न्यूज के लेटेस्ट अपडेट पाने के लिए हमारे व्हाट्सप्प ग्रुप को जॉइन करें।
https://chat.whatsapp.com/JX13MOGfl1tJUvBmQFDvB1
अन्य खबरों के लिए देखें मिशनसच नेटवर्क


