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    शिशुकुंज स्कूल फूड पॉइजनिंग केस में स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, 23 नमूनों की रिपोर्ट का इंतजार

    इंदौर: इंदौर के प्रतिष्ठित द शिशुकुंज इंटरनेशनल स्कूल में दूषित भोजन (फूड पॉइजनिंग) के कारण 150 से अधिक बच्चों की तबीयत बिगड़ने का मामला लगातार गरमाया हुआ है। शनिवार को स्कूल में परोसे गए लंच के बाद इतनी बड़ी संख्या में छात्र बीमार हुए थे। घटना के बाद से ही जिला प्रशासन, खाद्य सुरक्षा और स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह एक्शन मोड में हैं। इस बीच मंगलवार को स्कूल में बच्चों की उपस्थिति काफी कम दर्ज की गई, और जो बच्चे स्कूल पहुंचे भी, वे प्रबंधन की सलाह पर अपने घरों से टिफिन लेकर आए।

    स्कूल का किचन सील, बच्चों को घर से भोजन लाने की सलाह

    हादसे के तुरंत बाद स्कूल प्रबंधन ने सभी अभिभावकों को ई-मेल भेजकर स्थिति सामान्य होने तक बच्चों को घर से ही खाना भेजने की सलाह दी थी। वहीं, प्रशासनिक कार्रवाई के तहत स्कूल परिसर में संचालित मुख्य रसोई (किचन) को पूरी तरह सील कर दिया गया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. माधव हसानी ने बताया कि स्कूल प्रशासन ने एहतियातन उसी दिन 85 विद्यार्थियों को घर भेज दिया था, जबकि कई अन्य अभिभावकों ने बाद में ई-मेल के जरिए बच्चों के अस्वस्थ होने की सूचना दी।

    डॉक्टरों की टीमें पहुंचीं बच्चों के घर, सेहत पर रखी जा रही नजर

    मामले की गंभीरता को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने प्रभावित बच्चों की सघन मॉनिटरिंग (निगरानी) शुरू कर दी है:

    • मंगलवार को डॉक्टरों की विशेष टीमों ने प्रभावित बच्चों के घरों पर जाकर उनके स्वास्थ्य की जांच की।

    • स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार, अच्छी बात यह है कि सभी बच्चों की स्थिति फिलहाल पूरी तरह स्थिर है और किसी भी छात्र को अस्पताल में भर्ती (एडमिट) करने की नौबत नहीं आई है।

    • आने वाले दिनों में डॉक्टरों की टीमें बाकी बचे हुए प्रभावित बच्चों के घर भी जाकर उनके स्वास्थ्य का फीडबैक लेंगी।

    मासूमों में गैस्ट्रोएंटेराइटिस और डिहाइड्रेशन के लक्षण

    स्वास्थ्य विभाग की शुरुआती मेडिकल जांच में सामने आया है कि बीमार हुए अधिकांश बच्चों में गैस्ट्रोएंटेराइटिस (पेट और आंतों में सूजन व संक्रमण) और डिहाइड्रेशन (शरीर में पानी की कमी) जैसे लक्षण पाए गए हैं। शनिवार को लंच करने के कुछ ही देर बाद बच्चों ने पेट दर्द, उल्टी, घबराहट और कमजोरी की शिकायत की थी। प्रभावित छात्रों में सबसे बड़ी संख्या चौथी कक्षा (क्लास 4) तक के छोटे बच्चों की है। घटना से गुस्साए और चिंतित अभिभावकों ने स्कूल पहुंचकर प्रबंधन से तीखे सवाल भी किए थे।

    किचन में मिली एक्सपायरी डेट की सामग्री, 23 सैंपलों की रिपोर्ट का इंतजार

    जिला प्रशासन और खाद्य सुरक्षा विभाग (Food Safety Department) की संयुक्त टीम ने जब स्कूल के किचन का औचक निरीक्षण किया, तो वहां कुछ खाद्य सामग्रियां एक्सपायरी डेट (उपयोग की समय सीमा) खत्म होने के बाद भी रखी पाई गईं। इसके बाद ही तत्काल प्रभाव से किचन को सील किया गया।

    जांच टीम ने किचन से पनीर, दूध, दाल, मसाले, तैयार भोजन, आइसक्रीम और पीने के पानी समेत कुल 23 संदिग्ध नमूने (सैंपल्स) एकत्र किए हैं। इन सभी नमूनों को सूक्ष्म जांच के लिए शासकीय प्रयोगशाला (लैब) भेज दिया गया है। अधिकारियों का साफ कहना है कि लैब रिपोर्ट आने के बाद ही फूड पॉइजनिंग की सटीक वजह साफ हो सकेगी और इसके आधार पर स्कूल प्रबंधन व वेंडर के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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