दुबई। आईसीसी महिला टी20 विश्व कप 2026 जैसे-जैसे अपने अंतिम पड़ाव की ओर बढ़ रहा है, अंतिम चार यानी सेमीफाइनल में जगह बनाने की जंग बेहद रोमांचक हो गई है। टूर्नामेंट के शुरुआती 22 मैचों के बाद अब तक केवल इंग्लैंड ही एकमात्र ऐसी टीम बनी है जिसने आधिकारिक तौर पर सेमीफाइनल का टिकट कटाया है। ग्रुप-बी से इंग्लैंड के क्वालिफाई करने के बाद वहां सिर्फ एक स्थान बचा है, जिसके लिए वेस्टइंडीज, न्यूजीलैंड और श्रीलंका के बीच त्रिकोणीय मुकाबला है। दूसरी ओर, ग्रुप-ए का समीकरण पूरी तरह उलझा हुआ है और वहां ऑस्ट्रेलिया, भारत, दक्षिण अफ्रीका और बांग्लादेश के रूप में चार टीमें सेमीफाइनल की रेस में मजबूती से डटी हुई हैं।
मैनचेस्टर में खेले गए एक बेहद अहम मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका के हाथों भारत को मिली छह विकेट की शिकस्त ने ग्रुप-ए के पूरे समीकरण को बदल कर रख दिया है। इस मैच में भारतीय टीम ने 158/7 का स्कोर खड़ा किया था, जिसे दक्षिण अफ्रीकी टीम ने सफलतापूर्वक हासिल कर अपनी उम्मीदों को जिंदा रखा। इस हार के बाद भारतीय टीम की राह कठिन हो गई है और अब प्रत्येक मुकाबला नॉकआउट की तरह हो गया है। इस ग्रुप से पाकिस्तान, नीदरलैंड्स और आयरलैंड जैसी टीमें पहले ही खिताबी दौड़ से बाहर हो चुकी हैं।
ग्रुप-ए का अंक तालिका हाल और भारत के लिए क्वालीफिकेशन की राह
ग्रुप-ए में फिलहाल ऑस्ट्रेलिया 4 मैचों में 4 जीत और +4.724 के नेट रन रेट के साथ शीर्ष पर काबिज है। भारत 3 मैचों में 2 जीत और +2.511 के बेहतरीन रन रेट के साथ दूसरे स्थान पर है। इसके बाद दक्षिण अफ्रीका और बांग्लादेश भी क्रमश: तीसरे और चौथे स्थान पर बने हुए हैं। भारतीय टीम को अपना अगला मैच बांग्लादेश और अंतिम ग्रुप मैच ताकतवर ऑस्ट्रेलिया से खेलना है। भारत के लिए सेमीफाइनल में पहुंचने के तीन प्रमुख रास्ते हैं:
समीकरण 1: यदि भारत अपने दोनों आगामी मैचों में बांग्लादेश और ऑस्ट्रेलिया को पराजित कर देता है, तो उसके 8 अंक हो जाएंगे। इस स्थिति में उसे दक्षिण अफ्रीका या ऑस्ट्रेलिया में से किसी एक की हार की दुआ करनी होगी, जो भारत के लिए सबसे मुफीद स्थिति होगी।
समीकरण 2: यदि भारतीय टीम बांग्लादेश को हरा देती है लेकिन ऑस्ट्रेलिया से हार जाती है, तो उसके 6 अंक रहेंगे। ऐसे में दक्षिण अफ्रीका को अपने बचे दो मैचों में से एक मैच हारना अनिवार्य होगा और फिर फैसला नेट रन रेट पर होगा।
समीकरण 3: यदि भारत, ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका तीनों ही अपने-अपने मैच जीतकर 8-8 अंकों पर आ जाते हैं, तो सेमीफाइनल की दो टीमों का फैसला नेट रन रेट के आधार पर होगा। भारत का मौजूदा रन रेट दक्षिण अफ्रीका से काफी बेहतर है, लेकिन दक्षिण अफ्रीका के आगामी मैच अपेक्षाकृत कमजोर टीमों से हैं, जो भारत की राह मुश्किल बनाता है।
ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण अफ्रीका और बांग्लादेश के समीकरण
ऑस्ट्रेलिया के लिए स्थिति सबसे अनुकूल है, उसे केवल भारत को हराना है जिससे उसके 10 अंक हो जाएंगे और वह टेबल टॉपर के रूप में सीधे क्वालिफाई कर जाएगी। दक्षिण अफ्रीका के लिए रास्ता तब आसान होगा जब वह नीदरलैंड्स और बांग्लादेश के खिलाफ अपने दोनों मैच जीत जाए और ऑस्ट्रेलिया भारत को हरा दे; ऐसी स्थिति में दक्षिण अफ्रीका 8 अंकों के साथ सीधे आगे बढ़ जाएगा। वहीं, बांग्लादेश की टीम भी अभी रेस में बनी हुई है। यदि बांग्लादेश अपने दोनों मैचों में भारत और दक्षिण अफ्रीका को हरा देता है, तो वह बिना किसी अन्य समीकरण के सेमीफाइनल में पहुंच सकता है। यदि वह भारत को हराता है और दक्षिण अफ्रीका से हार जाता है, तो भी वह अन्य मैचों के नतीजों और नेट रन रेट के भरोसे तकनीकी रूप से रेस में बना रहेगा।
ग्रुप-बी का गणित और वेस्टइंडीज की मजबूत दावेदारी
ग्रुप-बी की बात करें तो इंग्लैंड 8 अंकों के साथ पहले ही सेमीफाइनल का टिकट पक्का कर चुका है। स्कॉटलैंड और आयरलैंड की टीमें बाहर हो चुकी हैं। अब दूसरे स्थान के लिए वेस्टइंडीज (6 अंक), न्यूजीलैंड (4 अंक) और श्रीलंका (4 अंक) के बीच सीधी टक्कर है। वेस्टइंडीज का समीकरण सबसे सीधा है; यदि वह अपने आखिरी मैच में आयरलैंड को हरा देती है, तो वह 8 अंकों के साथ सीधे अंतिम चार में पहुंच जाएगी और न्यूजीलैंड व श्रीलंका की उम्मीदें तत्काल समाप्त हो जाएंगी। यदि वेस्टइंडीज हारती है, तभी न्यूजीलैंड और श्रीलंका के लिए दरवाजे खुलेंगे। हालांकि, श्रीलंका का नेट रन रेट (-0.973) सबसे खराब है, जिसके कारण उसे स्कॉटलैंड पर एक बहुत बड़ी जीत की दरकार होगी और साथ ही वेस्टइंडीज की बड़ी हार की दुआ करनी होगी। डिफेंडिंग चैंपियन न्यूजीलैंड को भी इंग्लैंड को हर हाल में हराना होगा और वेस्टइंडीज की हार पर निर्भर रहना होगा।


