अंबेडकरनगर। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने एक लंबे इंतजार के बाद बृहस्पतिवार को अपने प्रांतीय संगठन के नए पदाधिकारियों के नामों की घोषणा कर दी है। भाजपा संगठन की इस नई टीम के सामने आते ही अंबेडकरनगर जिले के सियासी गलियारों में लंबे वक्त से महसूस की जा रही एक बड़ी कमी और खालीपन दूर हो गया है। पार्टी हाईकमान ने क्षेत्र के कद्दावर नेता और कटेहरी विधानसभा सीट से पूर्व प्रत्याशी रह चुके अवधेश द्विवेदी पर बड़ा भरोसा जताते हुए उन्हें अवध क्षेत्र का नया क्षेत्रीय अध्यक्ष नियुक्त किया है।
मूल रूप से भीटी ब्लॉक के अंतर्गत आने वाले दुबाने का पूरा गांव के निवासी अवधेश द्विवेदी का मुख्य राजनीतिक आधार हमेशा से कटेहरी विधानसभा क्षेत्र ही रहा है। उनके पिता स्वर्गीय जमुना प्रसाद द्विवेदी पैसे से एक शिक्षक थे। अवधेश ने अपने छात्र जीवन के दिनों से ही राजनीति की बारीकियों को समझना और सीखना शुरू कर दिया था। पिछले लगभग 10 वर्षों के दौरान उन्होंने स्थानीय स्तर पर चुनावी राजनीति से लेकर संगठनात्मक गतिविधियों में बेहद सक्रिय और अग्रिम भूमिका निभाई है।
चुनावी राजनीति का सफर और पुरानी यादें
अवधेश द्विवेदी ने साल 2017 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के मुख्य टिकट पर चुनाव लड़ा था। इसके बाद, साल 2022 के आम चुनाव में उन्होंने एनडीए (राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन) की सहयोगी पार्टी 'निषाद पार्टी' के उम्मीदवार के रूप में मैदान में उतरकर क्षेत्रीय राजनीति में अपनी मजबूत पकड़ का अहसास कराया था। इन दोनों ही चुनावों के दौरान उन्होंने क्षेत्र के वोटरों के बीच अपनी एक अलग और विशिष्ट पहचान स्थापित की।
उपचुनाव में टिकट कटने के बाद भी रहे वफादार
कटेहरी विधानसभा सीट पर हुए हालिया उपचुनाव के दौरान जब अवधेश द्विवेदी को पार्टी की तरफ से उम्मीदवार नहीं बनाया गया, तो स्थानीय राजनीतिक हलकों में उनके भविष्य को लेकर कई तरह की अटकलें और कयास लगाए जाने लगे थे। उस समय टिकट न मिलने से उनके समर्थकों में भी काफी रोष और नाराजगी देखने को मिली थी। हालांकि, इन तमाम विपरीत परिस्थितियों के बावजूद अवधेश द्विवेदी ने धैर्य नहीं खोया और वे पूरी निष्ठा के साथ भाजपा संगठन से जुड़े रहे तथा पार्टी के प्रत्येक कार्यों को जमीनी स्तर पर आगे बढ़ाते रहे।
संगठन के प्रति निष्ठा का मिला बड़ा इनाम
पार्टी के प्रति उनकी इसी निरंतर वफादारी, समर्पण और अथक परिश्रम को देखते हुए भाजपा के शीर्ष नेतृत्व ने उन्हें अवध जैसे बेहद महत्वपूर्ण और बड़े क्षेत्र की कमान सौंपने का फैसला किया है। इस बड़ी संगठनात्मक जिम्मेदारी के मिलने के बाद क्षेत्र के कार्यकर्ताओं और उनके समर्थकों में भारी उत्साह देखा जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उनकी इस नियुक्ति से आने वाले समय में अवध क्षेत्र में पार्टी का सांगठनिक ढांचा पहले से कहीं अधिक मजबूत और एकजुट होकर उभरेगा।


