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    बारिश में बह गए प्रशासन के दावे, जलभराव और जाम ने खोली तैयारियों की पोल

    इंदौर। मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में गुरुवार को भी मूसलाधार बारिश का सिलसिला जारी रहा। लगातार चौथे दिन मानसून की इस मेहरबानी से शहरवासियों को भीषण गर्मी और उमस से तो बड़ी राहत मिली है, लेकिन शुरुआती तेज बौछारों ने ही नगर निगम और प्रशासनिक दावों की पूरी तरह हवा निकाल दी। शहर की ड्रेनेज व्यवस्था, जल निकासी के पुख्ता इंतजाम और करोड़ों रुपये के विकास कार्यों की जमीनी हकीकत सामने आ गई है। पिछले चार दिनों से शहर के कई मुख्य चौराहों और अंदरूनी रास्तों पर भारी जलजमाव के कारण वाहनों की लंबी कतारें लग रही हैं और जिम्मेदार अधिकारी व यातायात पुलिस सड़कों से पूरी तरह नदारद दिखाई दे रहे हैं।

    मौसम विज्ञान केंद्र के विशेषज्ञों के मुताबिक, इस वर्ष मध्य प्रदेश के मौसम में एक बेहद दुर्लभ नजारा देखने को मिला है। राज्य में मानसून ने अरब सागर और बंगाल की खाड़ी दोनों ही दिशाओं की शाखाओं से एक साथ दस्तक दी है, जो करीब दो दशकों के बाद होने वाला एक अनोखा संयोग है। हालांकि, इस बार मानसून अपनी निर्धारित तारीख 18 जून के मुकाबले छह दिन की देरी से आया है। वर्तमान में जबलपुर और मंडला के पास बंगाल की खाड़ी का वेदर सिस्टम सक्रिय है, जबकि मालवा-निमाड़ अंचल में अरब सागर की नमी का असर बना हुआ है, जिसके चलते आगामी सप्ताह भर तक पूरे प्रदेश में अच्छी वर्षा के आसार हैं।

    प्रमुख चौराहों का बुरा हाल और घंटों लगा लंबा जाम

    शुरुआती बारिश के कारण शहर का पूरा यातायात तंत्र छिन्न-भिन्न हो गया है। रोबोट चौराहा, बंगाली चौराहा, निपानिया, देवास नाका, रेडिसन और विजय नगर सहित लगभग 20 से अधिक व्यस्त इलाकों में जलभराव के चलते घंटों गाड़ियां थमी रहीं। कई प्रमुख रास्तों पर तो दो से तीन फीट तक पानी जमा हो गया है, जिससे सड़कें छोटी नदियों और तालाबों जैसी दिखने लगी हैं। राहगीर और दोपहिया वाहन चालक इस घुटने भर पानी के बीच घंटों फंसे रहने को मजबूर हैं और उन्हें रास्ता पार करने में भारी मशक्कत करनी पड़ रही है।

    विकास कार्यों और अधूरी खुदाई ने बढ़ाई जनता की मुसीबत

    शहर को जलजमाव से मुक्ति दिलाने के उद्देश्य से चलाई जा रही स्टॉर्म वाटर लाइन, सीवरेज नेटवर्क और जीर्णोद्धार की योजनाएं पहली ही बारिश में नाकाम साबित हुई हैं। नगर के जिन हिस्सों में विभिन्न विकास परियोजनाओं के लिए सड़कों को खोदा गया था, वहां के हालात सबसे ज्यादा बदतर हो चुके हैं। गड्ढों और मलबे के कारण सड़कों पर कीचड़ का साम्राज्य फैल गया है, जिससे वाहनों के फिसलने का खतरा बढ़ गया है और आम जनता का पैदल चलना भी दूभर हो गया है।

    रिंग रोड पर रेंगते वाहन और आगामी 24 घंटे का पूर्वानुमान

    रिंग रोड के अंतर्गत बंगाली चौराहे से खजराना और वहां से रोबोट चौराहे की तरफ जाने वाली सर्विस लेन पर वाहनों का भारी दबाव देखा जा रहा है। मेट्रो प्रोजेक्ट, नए फ्लाईओवर, ओवरब्रिज और पाइपलाइन के अधूरे कामों ने इस रूट की स्थिति को और ज्यादा बिगाड़ दिया है। मौसम वैज्ञानिकों ने अनुमान जताया है कि अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से लगातार आ रही भारी नमी के कारण अगले 24 घंटों में भी इंदौर और उसके आसपास के जिलों में आंधी-तूफान और गरज-चमक के साथ भारी बारिश हो सकती है, जिससे तापमान में गिरावट बनी रहेगी और उमस से राहत मिलेगी।

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