रायपुर: छत्तीसगढ़ के अधिकांश हिस्सों में दक्षिण-पश्चिम मानसून का आगमन हो चुका है और कई जिलों में रुक-रुक कर बौछारें भी पड़ रही हैं। इसके बावजूद, प्रदेश के कई इलाकों में रहने वाले लोग इस समय बारिश के बाद होने वाली भीषण उमस और चिपचिपी गर्मी से बेहाल हैं। बीते दो दिनों से हवा में बढ़ी आर्द्रता (नमी) ने आम जनजीवन को खासा परेशान किया है। हालांकि, मौसम विज्ञान केंद्र ने प्रदेशवासियों को इस उमस से जल्द राहत मिलने की उम्मीद जताई है। मौसम विभाग के मुताबिक, आज 27 जून शनिवार से पूरे राज्य में मानसूनी गतिविधियां और ज्यादा रफ्तार पकड़ेंगी, जिससे वर्षा का दायरा बढ़ेगा।
मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि बंगाल की खाड़ी के साथ-साथ मध्य भारत के ऊपर एक मजबूत और सक्रिय मौसमी प्रणाली (साइक्लोनिक सर्कुलेशन) विकसित हो रही है। ऊपरी हवा में बने इस चक्रवाती परिसंचरण और प्रभावी मानसून द्रोणिका (ट्रफ लाइन) के असर से वातावरण में नमी की मात्रा तेजी से बढ़ रही है। इन दोनों प्रणालियों के संयुक्त प्रभाव के कारण छत्तीसगढ़ के अधिकांश जिलों में भारी से अति-भारी बारिश के लिए परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल हो गई हैं। आने वाले 24 से 48 घंटों में वर्षा की तीव्रता में लगातार इजाफा दर्ज किया जाएगा।
राजधानी रायपुर और आस-पास के क्षेत्रों के आज के आंकड़े
छत्तीसगढ़ के आज के लाइव वेदर पैरामीटर्स और वायुमंडलीय स्थिति पर नजर डालें तो आंकड़े कुछ इस प्रकार हैं:
औसत तापमान: वर्तमान समय में पारा 31 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है।
अधिकतम और न्यूनतम तापमान: दिन का अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस तक जाने की संभावना है, जबकि रात के समय न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है।
खगोलीय समय: सुबह सूर्योदय का वक्त 05:18 बजे दर्ज किया गया, वहीं शाम को सूर्यास्त 06:48 बजे होगा।
आर्द्रता और दबाव: हवा में नमी का स्तर 52 प्रतिशत मापा गया है, जबकि वायुमंडलीय दबाव (Atmospheric Pressure) 1004 मिलीबार के स्तर पर स्थिर है।
उत्तर छत्तीसगढ़ में मानसून का इंतजार, दो दिन बाद गिरेगा पारा
मौसम विज्ञान केंद्र की रिपोर्ट के अनुसार, जहां एक तरफ दक्षिण और मध्य छत्तीसगढ़ में मानसून सक्रिय है, वहीं उत्तर छत्तीसगढ़ के कुछ सीमावर्ती इलाकों जैसे कोरिया, बलरामपुर और सूरजपुर के कुछ हिस्सों में मानसून का पूरी तरह पहुंचना अभी बाकी है।
मौसम वैज्ञानिकों ने उमस और तपिश की स्थिति को लेकर स्पष्ट किया है कि छत्तीसगढ़ में अगले दो दिनों तक इसी तरह का चिपचिपा मौसम बना रह सकता है। इसके बाद जैसे ही बारिश की गतिविधियों में तेजी आएगी, प्रदेश के औसत तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक की बड़ी गिरावट दर्ज की जाएगी, जिससे लोगों को गर्मी और उमस से पूरी तरह निजात मिल जाएगी।


