देव स्नान पूर्णिमा पर जगन्नाथ महोत्सव शुरू, 15 दिन गर्भगृह में रहेंगे भगवान जगन्नाथ
राजगढ़। कस्बे के चौपड़ बाजार स्थित श्री जगन्नाथ मंदिर में रविवार को वैदिक मंत्रोच्चार के साथ भगवान जगन्नाथ जी महाराज का 108 जल कलशों एवं पंचामृत से भव्य महाभिषेक किया गया। इसके साथ ही जगन्नाथ महोत्सव का शुभारंभ हुआ। धार्मिक अनुष्ठान में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर पूजा-अर्चना की।
मंदिर के महंत पूर्णदास, पंडित मदनमोहन शास्त्री एवं पंडित रोहित शर्मा ने बताया कि देव स्नान पूर्णिमा के अवसर पर भगवान जगन्नाथ का विधि-विधान से अभिषेक कराया गया। अभिषेक के बाद भगवान का गणेश स्वरूप में विशेष श्रृंगार किया गया।
धार्मिक मान्यता के अनुसार स्नान के बाद भगवान जगन्नाथ को ज्वर आने की परंपरा मानी जाती है। इसी कारण भगवान को 15 दिनों के लिए गर्भगृह में विराजमान किया जाता है, जहां औषधीय काढ़े एवं अन्य पारंपरिक विधियों से उनकी सेवा एवं उपचार किया जाता है। इस अवधि में श्रद्धालुओं को प्रत्यक्ष दर्शन नहीं होते।
महंत पूर्णदास ने बताया कि आषाढ़ शुक्ल प्रतिपदा, 15 जुलाई को भगवान जगन्नाथ गर्भगृह से बाहर आकर भक्तों को दर्शन देंगे। इस अवसर पर नेत्रोत्सव, गणेश पूजन एवं मंदिर मार्जन जैसे धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
इसके बाद 16 जुलाई को भगवान जगन्नाथ जी महाराज गरुड़ रूपी रथ पर सवार होकर चौपड़ बाजार स्थित मंदिर से जानकी मैया को ब्याहने के लिए ऐतिहासिक मेला स्थल गंगाबाग की ओर प्रस्थान करेंगे। इस भव्य रथयात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।
कार्यक्रम के दौरान मंदिर परिसर भक्तिमय वातावरण से सराबोर रहा और श्रद्धालुओं ने भगवान जगन्नाथ से सुख-समृद्धि एवं जनकल्याण की प्रार्थना की।
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