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    देवखेड़ा और खुदनपुरी के विद्यालयों में अश्वत्थ लर्निंग कम्युनिटीज का समर कैंप संपन्न

    देवखेड़ा और खुदनपुरी में डांस, संगीत, थिएटर, ताइक्वांडो और योग गतिविधियों से विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास को मिला बढ़ावा

    अलवर। आरडीएनसी मित्तल फाउंडेशन द्वारा संचालित अश्वत्थ लर्निंग कम्युनिटीज के तत्वावधान में राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय देवखेड़ा एवं राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय खुदनपुरी में 17 जून से 30 जून 2026 तक 14 दिवसीय समर कैंप का सफल आयोजन किया गया। प्रतिदिन सुबह 8 बजे से 10:30 बजे तक आयोजित इस शिविर में कक्षा पहली से छठी तक के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

    समर कैंप का उद्देश्य विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास, आत्मविश्वास में वृद्धि तथा रचनात्मक एवं सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों के प्रति उनकी रुचि को प्रोत्साहित करना रहा। कैंप के दौरान बच्चों को विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ प्रशिक्षकों ने प्रशिक्षण प्रदान किया।

    विशेषज्ञ प्रशिक्षकों ने विभिन्न विधाओं का दिया प्रशिक्षण

    समर कैंप में डांस का प्रशिक्षण जितेंद्र प्रताप ने दिया, जबकि संगीत (हारमोनियम, वोकल एवं कोंगो) का प्रशिक्षण आदित्य एवं यांशु ने कराया। थिएटर बेसिक्स का प्रशिक्षण देशराज मीणा एवं संदीप ने दिया। वहीं ताइक्वांडो का प्रशिक्षण लवजीत सिंह ने प्रदान किया। विद्यार्थियों को योग एवं प्राणायाम का अभ्यास भी कराया गया, जिससे उनके शारीरिक, मानसिक एवं भावनात्मक विकास के साथ अनुशासन और एकाग्रता को भी बढ़ावा मिला।

    77 विद्यार्थियों ने किया प्रतिभा का प्रदर्शन

    समर कैंप में देवखेड़ा विद्यालय के 32 तथा खुदनपुरी विद्यालय के 45 विद्यार्थियों सहित कुल 77 बच्चों ने भाग लिया। शिविर के दौरान विद्यार्थियों ने टीमवर्क, नेतृत्व क्षमता, अनुशासन और आत्मविश्वास का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।

    प्रवेश उत्सव में प्रस्तुत होंगी बच्चों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियां

    कैंप के दौरान तैयार की गई सांस्कृतिक एवं रचनात्मक प्रस्तुतियों का प्रदर्शन जुलाई के प्रथम सप्ताह में आयोजित होने वाले प्रवेश उत्सव में किया जाएगा। इससे अभिभावकों और स्थानीय समुदाय को बच्चों की प्रतिभा देखने का अवसर मिलेगा।

    अश्वत्थ लर्निंग कम्युनिटीज की ओर से यह भी निर्णय लिया गया है कि विद्यार्थियों के निरंतर सर्वांगीण विकास को ध्यान में रखते हुए विद्यालयों में प्रत्येक शनिवार ‘नो बैग डे’ के अवसर पर सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों का नियमित संचालन आगे भी जारी रखा जाएगा।

    संस्था की फाउंडर आरुषि मित्तल ने विश्वास व्यक्त किया कि इस प्रकार की गतिविधियां बच्चों के व्यक्तित्व विकास, रचनात्मक सोच, आत्मविश्वास तथा सामाजिक कौशल को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।

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