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    एक चप्पल के पीछे गई दो जिंदगियां, पानीपत के जोहड़ में डूबे दो किशोर

    पानीपत:हरियाणा के पानीपत जिले के अंतर्गत आने वाले गांव सिवाह में मंगलवार की शाम एक ऐसा दर्दनाक हादसा हुआ, जिसने कुछ ही मिनटों में दो हंसते-खेलते परिवारों की खुशियां हमेशा के लिए छीन लीं। गांव के ऐतिहासिक बिरफला जोहड़ (तालाब) के पास रोज की तरह बच्चे खेल रहे थे, लेकिन खेल-खेल में शुरू हुई एक सामान्य सी बात देखते ही देखते एक ऐसी बड़ी मानवीय त्रासदी में बदल गई, जिसने पूरे गांव को गहरे शोक और सन्नाटे में डुबो दिया है। इस हादसे में दो किशोर दोस्तों की पानी में डूबने से मौत हो गई, जिसके बाद से दोनों पीड़ित परिवारों का रो-रोकर बुरा हाल है।

    खेल के दौरान अचानक जोहड़ में गिरी चप्पल

    ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार, सिवाह गांव के रहने वाले कुछ बच्चे मंगलवार की शाम को बिरफला जोहड़ के पास खेल रहे थे। इसी दौरान खेलते-खेलते 15 वर्षीय समीर की चप्पल अचानक अनियंत्रित होकर जोहड़ के गहरे पानी में चली गई। समीर अपनी चप्पल को निकालने के उद्देश्य से जोहड़ के किनारे से पानी के भीतर उतर गया। उसे इस बात का अंदाजा नहीं था कि बरसात और अन्य कारणों से जोहड़ में पानी का स्तर काफी ज्यादा है और नीचे दलदल जैसी स्थिति है। जैसे ही वह चप्पल पकड़ने के लिए आगे बढ़ा, उसका पैर गहरे पानी की तरफ फिसल गया और वह खुद को बचाने के लिए पानी में छटपटाने लगा।

    दोस्त को डूबता देख अनीश ने लगाई छलांग

    समीर को पानी में जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष करता देख जोहड़ के किनारे खड़े उसके सबसे पक्के दोस्त अनीश उर्फ कल्लू ने एक पल की भी देरी नहीं की। अपने दोस्त की जान बचाने की खातिर अनीश ने बिना कुछ सोचे-समझे और अपनी जान की परवाह किए बिना जोहड़ के गहरे पानी में छलांग लगा दी। हालांकि, अनीश को भी पानी की गहराई और वहां के खतरनाक बहाव का सही अनुमान नहीं था। दोस्त को बचाने की यह जांबाज कोशिश बेहद दुर्भाग्यपूर्ण साबित हुई और समीर को बाहर खींचने के प्रयास में अनीश भी गहरे पानी के भंवर में फंस गया।

    गहराई में समा गए दोनों दोस्त, गांव में मातम

    पानी का स्तर अधिक होने और तैरकर बाहर आने का कोई रास्ता न मिलने के कारण दोनों किशोर खुद को संभाल नहीं पाए। देखते ही देखते दोनों दोस्त एक-दूसरे का साथ निभाते हुए जोहड़ की अथाह गहराई में समा गए और उनकी सांसें थम गईं। वहां मौजूद अन्य छोटे बच्चों ने जब यह भयानक मंजर देखा, तो वे चीखते-चिल्लाते हुए गांव की तरफ भागे और शोर मचाकर परिजनों व ग्रामीणों को इस हादसे की जानकारी दी। सूचना मिलते ही भारी संख्या में ग्रामीण जोहड़ की तरफ दौड़े और स्थानीय गोताखोरों की मदद से दोनों बच्चों को पानी से बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। इस दुखद घटना ने पूरे सिवाह गांव की आंखें नम कर दी हैं।

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