वॉशिंगटन: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को एक बेहद चौंकाने वाला और बड़ा दावा करते हुए कहा है कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों पर वाणिज्यिक जहाजों (कमर्शियल जहाजों) पर हुए ईरानी हमलों का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए अमेरिकी सेना ने लगातार तीन रातों तक ईरान के सैन्य ठिकानों पर ताबड़तोड़ हवाई हमले किए थे। राष्ट्रपति ट्रंप के मुताबिक, इन गुप्त ऑपरेशन्स के जरिए अमेरिकी वायुसेना और नौसेना ने बार-बार ईरान के अत्याधुनिक रडार सिस्टम को नेस्तनाबूद किया और दुनिया भर में ईंधन (ऊर्जा) की सप्लाई चेन को सुरक्षित रखने के लिए 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' (होर्मुज जलडमरूमध्य) से कमर्शियल तेल टैंकरों को बेहद सुरक्षित तरीके से बाहर निकाला।
'हमने ईरान के रडार सिस्टम को पूरी तरह अंधा कर दिया'
एक अंतरराष्ट्रीय बिजनेस न्यूज चैनल को दिए विशेष इंटरव्यू में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिकी सैन्य कार्रवाई की विस्तार से जानकारी दी। ट्रंप ने कहा, "हमने ईरान के रक्षा रडार तंत्र को पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया है। हमारी इस सख्त कार्रवाई के बाद उनके पास कोई रडार सिस्टम नहीं बचा था और वर्तमान में भी उनकी स्थिति वैसी ही है। हाल ही में उनके पास एक बेहद आधुनिक और नया रडार सिस्टम आया था, लेकिन बीते हफ्ते हमारे जांबाज सैनिकों ने उसे भी पूरी तरह तबाह कर दिया।"
जब ट्रंप से यह सवाल पूछा गया कि क्या अमेरिका आने वाले दिनों में भी ईरान के खिलाफ ऐसी ही सैन्य कार्रवाई जारी रखेगा या दोनों देशों के बीच युद्ध छिड़ सकता है? इस पर ट्रंप ने युद्ध की आशंका से साफ इनकार नहीं किया। उन्होंने आक्रामक लहजे में कहा कि अमेरिका के पास दुश्मन को नेस्तनाबूद करने के लिए सभी जरूरी संसाधन और आधुनिक हथियार हर वक्त तैयार हैं।
होर्मुज में अमेरिकी नौसेना की 'लोहे की दीवार'
राष्ट्रपति ट्रंप ने होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरानी सेना की घेराबंदी और अमेरिकी नौसेना की ताकत का जिक्र करते हुए इसे एक 'लोहे की दीवार' करार दिया। उन्होंने कहा, "स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में मैंने जो सुरक्षा नाकेबंदी की थी, वह कोई साधारण घेराबंदी नहीं बल्कि एक अभेद्य लोहे की दीवार की तरह थी। हमारी नौसेना दुनिया की सबसे महान और अविश्वसनीय ताकत है। इन सैनिकों की मुस्तैदी का ही नतीजा था कि अमेरिका की मर्जी के बिना कोई भी संदिग्ध जहाज ईरान की सीमा तक नहीं पहुंच सका।"
तबाह हो चुकी है ईरान की अर्थव्यवस्था, भुखमरी की कगार पर देश
डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि लगातार अमेरिकी प्रतिबंधों और हालिया सैन्य हमलों के बाद ईरान की रीढ़ की हड्डी टूट चुकी है और उसकी अर्थव्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। ट्रंप के अनुसार:
300% बढ़ी महंगाई: ईरान में इस वक्त महंगाई दर 300 फीसदी तक बढ़ चुकी है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वे किसी भी तरह की कमाई या तेल व्यापार नहीं कर पा रहे हैं।
नेतृत्व विहीन हुई ईरानी सेना: ट्रंप ने एक बड़ा दावा करते हुए कहा, "ईरान की सेना अब मैदान से गायब हो चुकी है। उनके शीर्ष कमांडर और नेता मारे जा चुके हैं। दूसरे दर्जे के नेतृत्व का भी सफाया कर दिया गया है और तीसरे दर्जे के बचे-खुचे नेताओं में से भी अधिकांश को ढेर कर दिया गया है।"
अनाज के लिए तरस रहा है ईरान: अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि आज ईरान के लोगों को भोजन की सख्त जरूरत है। उन्हें मक्का, गेहूं और सोयाबीन चाहिए। अमेरिका इन खाद्य सामग्रियों की आपूर्ति करने के लिए तैयार है, बशर्ते ईरान हमारे द्वारा तय की गई शर्तों को माने और आतंकवाद का रास्ता पूरी तरह छोड़ दे।
वैश्विक आर्थिक मंदी को टाला
ट्रंप ने वैश्विक बाजार पर इस तनाव के असर को लेकर कहा कि अगर अमेरिका समय रहते कदम नहीं उठाता और होर्मुज जलडमरूमध्य पूरी तरह बंद हो जाता, तो पूरी दुनिया में कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) की कीमतें $350 प्रति बैरल के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच जातीं। इससे पूरी दुनिया में एक भयानक आर्थिक मंदी आ जाती।अमेरिकी राष्ट्रपति ने सीक्रेट मिशन का खुलासा करते हुए कहा, "हमारी नौसेना ने बेहद खामोशी और चालाकी से इस संवेदनशील जलमार्ग से अंतरराष्ट्रीय तेल टैंकरों को सुरक्षित निकाला। एक रात तो ऐसी भी थी, जब हमारे जवानों ने चुपचाप 22 बड़े कमर्शियल जहाजों को ईरान के नाक के नीचे से बाहर सुरक्षित निकाल लिया और दुनिया में किसी को भनक तक नहीं लगी।" ट्रंप के इस बड़े बयान के बाद खाड़ी देशों में एक बार फिर भू-राजनीतिक (Geopolitical) तनाव चरम पर पहुंचने की आशंका जताई जा रही है।


