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    Homeराजस्थानजयपुरमेट्रो फेज-2 का विस्तार, एयरपोर्ट से VKI तक बिना रुकावट मिलेगी कनेक्टिविटी

    मेट्रो फेज-2 का विस्तार, एयरपोर्ट से VKI तक बिना रुकावट मिलेगी कनेक्टिविटी

    जयपुर। गुलाबी नगरी में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को एक नया और वैश्विक विस्तार मिलने जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को जयपुर मेट्रो फेज-2 परियोजना की आधिकारिक आधारशिला रखेंगे। लगभग 13,037 करोड़ रुपये के भारी-भरकम बजट वाली इस महत्वाकांक्षी परियोजना के धरातल पर उतरने से स्थानीय नागरिकों को रोजमर्रा के सफर में होने वाली दिक्कतों से बड़ी राहत मिलेगी। इस नए विस्तार की सबसे बड़ी खूबी यह होगी कि इसके जरिए जयपुर एयरपोर्ट, मुख्य रेलवे स्टेशन, एसएमएस अस्पताल, सीतापुरा, वीकेआई, विद्याधर नगर और अंबाबाड़ी जैसे घने व व्यावसायिक क्षेत्रों के बीच पहली बार सीधी मेट्रो सेवा उपलब्ध हो सकेगी।

    प्रहलादपुरा से तोड़ी मोड़ तक बनेगा नया कॉरिडोर

    द्वितीय चरण के अंतर्गत प्रहलादपुरा से तोड़ी मोड़ के बीच कुल 41 किलोमीटर लंबा एक व्यापक उत्तर-दक्षिण मेट्रो कॉरिडोर विकसित किया जाएगा, जिसमें यात्रियों की सुविधा के लिए कुल 36 स्टेशन बनाए जाएंगे। यह रूट मुख्य रूप से दक्षिणी जयपुर के औद्योगिक क्षेत्र सीतापुरा को उत्तरी जयपुर के विश्वकर्मा औद्योगिक क्षेत्र (VKI) से सीधे जोड़ेगा, जिससे हजारों कामकाजी लोगों, विद्यार्थियों और व्यापारियों के समय तथा यात्रा व्यय में भारी बचत होगी। राजस्थान मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन ने इसके पहले पैकेज पर जमीनी कार्रवाई शुरू कर दी है, जिसके तहत 918 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से प्रहलादपुरा से पिंजरापोल गोशाला तक 12 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड ट्रैक और 10 स्टेशन तैयार किए जाएंगे।

    मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी और हवाई अड्डे पर अंडरग्राउंड स्टेशन

    इस नए मेट्रो नेटवर्क की बनावट में 'मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी' पर विशेष ध्यान दिया गया है, ताकि यात्री बिना किसी परेशानी के मेट्रो से उतरकर सीधे हवाई अड्डे, रेलवे स्टेशन या केंद्रीय बस स्टैंड तक पहुंच सकें। इसी सुगमता को ध्यान में रखते हुए जयपुर एयरपोर्ट परिसर के भीतर एक भूमिगत (अंडरग्राउंड) स्टेशन का निर्माण किया जाएगा, जिससे हवाई यात्रियों को मुख्य सड़कों के ट्रैफिक जाम में फंसे बिना सीधे टर्मिनल तक सुगम आवाजाही मिल सके। इसके अलावा, भविष्य में चाकसू और चौमूं जैसे बाहरी कस्बों से प्रहलादपुरा और तोड़ी मोड़ स्टेशनों तक विशेष फीडर बस सेवाएं चलाने की भी योजना है, ताकि दूर-दराज के ग्रामीण इलाकों के लोग भी निजी वाहनों को छोड़कर आसानी से मेट्रो नेटवर्क का लाभ उठा सकें।

    यात्री भार में पांच गुना बढ़ोतरी और पूर्णता का अनुमान

    वर्तमान आंकड़ों के अनुसार, जयपुर मेट्रो के संचालित फेज-1 पर रोजाना करीब 50 हजार लोग यात्रा करते हैं, लेकिन फेज-2 के पूरी तरह शुरू होने के बाद यह संख्या पांच गुना बढ़कर प्रतिदिन 2.5 लाख तक पहुंचने की उम्मीद है, जो आने वाले समय में 4 लाख को भी पार कर सकती है। परियोजना के पहले चरण के निर्माण के लिए 918.04 करोड़ रुपये का लेटर ऑफ अवॉर्ड (LOA) पहले ही जारी किया जा चुका है और बाकी पैकेजों पर भी सिलसिलेवार ढंग से काम आगे बढ़ाया जाएगा। यद्यपि शासन की ओर से इसकी पूर्णता की कोई अंतिम आधिकारिक तिथि तय नहीं की गई है, परंतु विशेषज्ञों का मानना है कि इस पूरे लंबे कॉरिडोर को तैयार होने में करीब पांच वर्ष का समय लगेगा और यदि निर्माण कार्य सुचारू रूप से चलता रहा तो वर्ष 2031 तक इस रूट पर मेट्रो दौड़ने लगेगी।

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