मुंबई। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने सार्वजनिक क्षेत्र के प्रमुख बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा (BoB) पर नियमों की अनदेखी के चलते 63.6 लाख रुपये का भारी-भरकम जुर्माना लगाया है। केंद्रीय बैंक द्वारा जारी एक आधिकारिक बयान के अनुसार, बैंक ऑफ बड़ौदा 'उधार देने वालों के लिए उचित व्यवहार संहिता' (Fair Practices Code for Lenders) और 'अपने ग्राहक को जानें' (Know Your Customer यानी KYC) को लेकर जारी किए गए दिशा-निर्देशों के कुछ बेहद महत्वपूर्ण प्रावधानों का ठीक से पालन नहीं कर रहा था। इसी लापरवाही को देखते हुए आरबीआई ने 30 जून, 2026 के अपने एक सख्त आदेश के जरिए बैंक पर 63.60 लाख रुपये की यह दंडात्मक कार्रवाई की है।
आरबीआई ने स्पष्ट किया कि 31 मार्च, 2025 तक की वित्तीय स्थिति के आधार पर बैंक ऑफ बड़ौदा का विस्तृत वैधानिक निरीक्षण (Statutory Inspection) किया गया था। इस निरीक्षण के दौरान कई तकनीकी खामियां और नियमों का उल्लंघन सामने आया, जिसके बाद केंद्रीय बैंक ने बैंक ऑफ बड़ौदा को एक कारण बताओ नोटिस जारी किया था। इस नोटिस में बैंक से यह जवाब मांगा गया था कि केंद्रीय बैंक के नियमों और निर्देशों का पालन न करने के लिए उस पर वित्तीय जुर्माना क्यों न लगाया जाए।
पर्सनल हियरिंग और जांच के बाद सही पाए गए आरोप
इस कारण बताओ नोटिस पर बैंक ऑफ बड़ौदा द्वारा दिए गए लिखित जवाब, उनके द्वारा प्रस्तुत की गई अतिरिक्त जानकारियों और पर्सनल हियरिंग (व्यक्तिगत सुनवाई) के दौरान बैंक के प्रतिनिधियों द्वारा मौखिक रूप से दी गई दलीलों पर आरबीआई ने गहराई से विचार किया। पूरी समीक्षा और तथ्यों के मिलान के बाद, भारतीय रिजर्व बैंक इस निष्कर्ष पर पहुंचा कि बैंक ऑफ बड़ौदा के खिलाफ नियमों के उल्लंघन के आरोप पूरी तरह सही थे और उन पर मौद्रिक जुर्माना लगाना बेहद जरूरी था।
जांच में यह भी सामने आया कि बैंक ने कुछ लोन खातों में तय किए गए आधिकारिक मानदंडों से परे जाकर ग्राहकों से अधिक ब्याज वसूला था, जो उचित बैंकिंग व्यवहार संहिता का खुला उल्लंघन है। हालांकि, केंद्रीय बैंक ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई केवल विनियामक अनुपालन (Regulatory Compliance) में कमियों पर आधारित है और इसका उद्देश्य ग्राहकों के साथ बैंक द्वारा किए गए किसी भी लेनदेन या समझौते की वैधता पर सवाल उठाना नहीं है।
जीआईसी हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड पर भी लगा जुर्माना
भारतीय रिजर्व बैंक ने एक अन्य आधिकारिक बयान में गैर-बैंकिंग वित्तीय क्षेत्र पर भी नकेल कसी है। आरबीआई ने 'जीआईसी हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड' (GIC Housing Finance) पर भी केवाईसी (KYC) दिशानिर्देशों के उल्लंघन के लिए 3.1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है।
नेशनल हाउसिंग बैंक ने 31 मार्च, 2025 तक की वित्तीय स्थिति के आधार पर इस हाउसिंग फाइनेंस कंपनी का विस्तृत वैधानिक निरीक्षण किया था, जिसके बाद कंपनी को नोटिस जारी किया गया था। जांच में मुख्य आरोप यह था कि कंपनी अपने ग्राहकों के खातों की रिस्क कैटेगरी (जोखिम श्रेणी) का हर 6 महीने में एक बार रिव्यू करने की अनिवार्य प्रणाली को लागू करने में पूरी तरह विफल रही थी। कंपनी के स्पष्टीकरणों पर विचार करने के बाद, आरोपों की पुष्टि होने पर आरबीआई ने यह आर्थिक जुर्माना तय किया है।


