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    छत्तीसगढ़ में बारिश बनी आफत, कई इलाकों में जनजीवन अस्त-व्यस्त; IMD की चेतावनी

    रायपुर। छत्तीसगढ़ में मानसून का असर पूरी तरह से दिखाई दे रहा है और बीते दो दिनों में राज्य के विभिन्न अंचलों में अच्छी वर्षा दर्ज की गई है। मध्य छत्तीसगढ़ में भारी बारिश के बाद अब मौसम विभाग ने आगामी चार दिनों तक राज्य भर में हल्की से मध्यम वर्षा का अनुमान जताया है। उत्तर छत्तीसगढ़ के कुछ इलाकों में मेघगर्जन की चेतावनी भी जारी की गई है।

    प्राकृतिक सौंदर्य और उफान पर जलस्रोत

    लगातार बारिश के कारण राज्य के कई नदियां और नाले उफान पर हैं। सरगुजा जिले का लोसंगा नाला खतरे के निशान के करीब बह रहा है, जबकि सारंगढ़-बिलाईगढ़ के गोमर्डा अभ्यारण्य स्थित माड़ोसिल्ली झरना पूरे वेग के साथ बहता हुआ मनमोहक दृश्य प्रस्तुत कर रहा है। जशपुर के पहाड़ी क्षेत्र और वन अंचल घने कोहरे की चादर से ढके हुए हैं, जिससे वहां का प्राकृतिक सौंदर्य और भी अधिक निखर गया है।

    किसानों की मुश्किलें और जनजीवन पर असर

    बेमेतरा जिले में सड़कों पर बने पुल-पुलियों के ऊपर से पानी बहने के कारण यातायात व्यवस्था बुरी तरह बाधित हुई है। लगातार वर्षा ने किसानों की परेशानी बढ़ा दी है; खेतों में अत्यधिक पानी भरने से बुवाई के काम में रुकावट आ रही है, जो कृषि कार्यों के लिए चिंता का विषय है। वहीं, जिला अस्पताल में बारिश का प्रतिकूल प्रभाव दिखा, जहाँ डायलिसिस सेंटर की छत से पानी टपकने के कारण कर्मचारियों को बाल्टियां लगानी पड़ीं, हालांकि इस बाधा के बावजूद मरीजों का उपचार जारी रखा गया।

    मौसम का पूर्वानुमान और सक्रिय प्रणाली

    मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, दक्षिण झारखंड और उत्तरी ओडिशा के निकट बने कम दबाव के क्षेत्र के प्रभाव से छत्तीसगढ़ में वर्षा का दौर बना हुआ है। यह मौसमी सिस्टम अब धीरे-धीरे उत्तरी छत्तीसगढ़ की तरफ आगे बढ़ रहा है, जिससे कुछ हिस्सों में तेज बारिश की संभावना बनी हुई है। राहत की बात यह है कि विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, अगले चौबीस घंटों के बाद राज्य में बारिश की तीव्रता में क्रमिक गिरावट दर्ज की जा सकती है।

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