जकार्ता। दुनिया का सबसे बड़ा मुस्लिम बहुल देश होने के बावजूद इंडोनेशिया में भारतीय संस्कृति की जड़ें बेहद गहरी हैं। ईसा पूर्व के समय से ही भारतीय व्यापारियों और नाविकों के वहां लगातार जाने की वजह से इंडोनेशिया पर हिंदू और बौद्ध धर्म का बड़ा प्रभाव पड़ा। प्राचीन काल में वहां श्रीविजया और मजापहित जैसे कई महान हिंदू साम्राज्य फले-फूले। इस ऐतिहासिक रिश्ते का असर आज भी वहां साफ दिखाई देता है, यहां तक कि इंडोनेशिया की भाषा ‘बहासा इंडोनेशिया’ में भी संस्कृत के कई शब्दों का इस्तेमाल होता है।
त्योहारों और कला में रामायण-महाभारत की झलक
इंडोनेशिया के सांस्कृतिक उत्सवों, पारंपरिक नृत्यों और कठपुतली शोज में अर्जुन, हनुमान, कौरव और भगवान राम जैसे पात्र रचे-बसे हैं। यहां भारत की तरह ही धूमधाम से रामलीला का मंचन किया जाता है, जिसमें हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदायों के कलाकार मिलकर रामायण के किरदारों को निभाते हैं। इसके अलावा, इंडोनेशिया में दुनिया का सबसे बड़ा बौद्ध स्तूप 'बोरोबुदुर' और भव्य 'प्रांबनन हिंदू मंदिर कॉम्प्लेक्स' मौजूद हैं, जो वहां की प्राचीन और समृद्ध धार्मिक विरासत की गवाही देते हैं।
बाली द्वीप: हिंदू संस्कृति का बड़ा केंद्र
इंडोनेशिया का बाली द्वीप इस मामले में सबसे खास है, क्योंकि यहां हिंदू समुदाय के लोग बहुसंख्यक हैं और बेहद शांति व सुकून से रहते हैं। हालांकि यहां का हिंदू धर्म भारत से थोड़ा अलग है, लेकिन उनके मंदिर, त्योहार और परंपराएं पूरी तरह भारतीय संस्कृति से जुड़ी हुई हैं। बाली में हिंदुओं की बहुसंख्या होने के कारण वहां की सरकार भी इस सांस्कृतिक विरासत को पूरा बढ़ावा देती है। सरकारी स्तर पर भी रामायण और महाभारत पर आधारित कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
विविधता में एकता का साझा सिद्धांत
पूरे इंडोनेशिया में हिंदुओं की आबादी करीब 1.7 फीसदी है, जिन्हें देश में पूरी धार्मिक स्वतंत्रता मिली हुई है। इंडोनेशिया का आधिकारिक दर्शन 'पांच सिला' भी विविधता में एकता पर आधारित है, जो भारत के मूल सिद्धांत से काफी मिलता-जुलता है। भले ही पिछले कुछ सालों में वहां थोड़ी कट्टरता बढ़ी हो, लेकिन बाली जैसे क्षेत्रों में आज भी सांस्कृतिक तालमेल बहुत मजबूत है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इंडोनेशिया यात्रा से उम्मीद जताई जा रही है कि दोनों देशों के बीच न सिर्फ व्यापारिक रिश्ते सुधरेंगे, बल्कि इस साझी सांस्कृतिक विरासत को भी एक नई मजबूती मिलेगी।


