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    टावर ऑफ जस्टिस के पास बनेंगे हाईटेक वकील चैंबर, सीएम नायब सिंह की घोषणा

    बादशाहपुर (गुरुग्राम): शहर में नवनिर्मित 'टावर ऑफ जस्टिस' के उद्घाटन समारोह के दौरान अधिवक्ताओं को एक बड़ी सौगात मिली है। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इस ऐतिहासिक मौके पर घोषणा की है कि वकीलों के लिए जल्द ही आधुनिक चैंबरों का निर्माण किया जाएगा। इसके लिए पुराने न्यायालय परिसर के एक हिस्से को समर्पित करने की योजना बनाई गई है। मुख्यमंत्री की इस घोषणा के बाद से ही वकीलों की वर्षों पुरानी मांग पूरी होने की उम्मीदें एक बार फिर जाग उठी हैं।

    केंद्रीय मंत्री ने उठाई मांग, मुख्यमंत्री ने दिया भरोसा

    समारोह के दौरान स्थानीय सांसद और केंद्रीय राज्यमंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने अधिवक्ताओं की इस दीर्घकालिक समस्या को मंच से प्रमुखता के साथ उठाया। उन्होंने मुख्यमंत्री से टावर ऑफ जस्टिस के समीप ही वकीलों के लिए चैंबर बनवाने का आग्रह किया। इस पर सकारात्मक रुख अपनाते हुए मुख्यमंत्री सैनी ने मंच से ही एलान किया कि अधिवक्ताओं की इस मांग का तकनीकी और प्रशासनिक परीक्षण कराया जाएगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि चैंबर निर्माण के लिए उपयुक्त भूमि उपलब्ध कराने की दिशा में सरकार जल्द ही ठोस कदम उठाएगी। मुख्यमंत्री के इस आश्वासन के बाद पूरा पंडाल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।

    बार एसोसिएशन और वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने जताया आभार

    सरकार के इस फैसले का बार काउंसिल और जिला बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने पुरजोर स्वागत किया है। जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष सीके शर्मा और सचिव राहुल धनखड़ ने हाई कोर्ट की सिफारिश और मुख्यमंत्री के भरोसे के लिए आभार जताते हुए उम्मीद जताई कि जमीन आवंटन की प्रक्रिया जल्द पूरी होगी। वहीं, पूर्व अध्यक्ष कुलभूषण भारद्वाज और पूर्व सचिव विनोद राव का मानना है कि इस कदम से वरिष्ठ और युवा दोनों ही वर्ग के अधिवक्ताओं को काम करने के लिए एक बेहतर और आधुनिक माहौल मिल सकेगा।

    न्यायिक व्यवस्था को मिलेगी मजबूती

    महिला अधिवक्ता रेखा राठी और पंजाब एवं हरियाणा बार काउंसिल के सदस्य प्रवेश यादव व अजय चौधरी ने इस घोषणा को वकीलों के लिए एक बेहतरीन उपहार बताया है। पूर्व सचिव संदीप सहरावत सहित अन्य कानूनी जानकारों का कहना है कि टावर ऑफ जस्टिस के शुरू होने के बाद यदि अधिवक्ताओं को नजदीक ही चैंबर मिल जाते हैं, तो इससे न केवल वकीलों की परेशानियां दूर होंगी बल्कि पूरी न्यायिक कार्यप्रणाली को और अधिक गति व मजबूती मिलेगी।

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