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    करोड़ों की जमीन हड़पने के आरोप में BJP नेता, उपनिबंधक और लिपिक सहित 10 पर FIR

    वाराणसीवाराणसी के रोहनिया थाना क्षेत्र में एक बेहद हैरान करने वाला धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। यहाँ एक बीमार सेवानिवृत्त शिक्षक ओमप्रकाश मिश्रा को डायलिसिस कराने के बहाने ले जाकर उनकी 50 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की 70 बिस्वा कीमती जमीन की हेराफेरी कर ली गई। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) अदालत के कड़े रुख के बाद रोहनिया पुलिस ने 5 जुलाई को भाजपा के जिला उपाध्यक्ष सुरेश कुमार सिंह, तत्कालीन उपनिबंधक अनिल कुमार और निबंधन कार्यालय के क्लर्क सत्यांशु सिंह समेत 10 नामजद लोगों के खिलाफ जालसाजी और संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।

    यह कानूनी कार्रवाई मोहनसराय की रहने वाली प्रमिला मिश्रा की अर्जी पर हुई है। पीड़ित महिला ने अपने वकील के माध्यम से अदालत को बताया कि उनके पति पिछले दो वर्षों से गंभीर किडनी रोग से पीड़ित हैं और उन्हें हफ्ते में दो बार डायलिसिस के लिए अस्पताल जाना पड़ता है। इसी लाचारी का फायदा उठाकर उनकी पुश्तैनी संपत्ति को धोखे से नाम करा लिया गया।

    आयुष्मान कार्ड का झांसा देकर पहले बदलवाया मोबाइल नंबर, फिर बेहोशी की हालत में कराई रजिस्ट्री

    पीड़िता के मुताबिक, उनके सगे भतीजे विशाल मिश्रा और घरेलू ड्राइवर रवि उपाध्याय ने बीमारी के दौरान मदद का नाटक किया। उन्होंने इलाज का खर्च कम कराने और आयुष्मान कार्ड बनवाने का झांसा देकर बुजुर्ग शिक्षक का एक नया बैंक खाता खुलवा दिया। इसके साथ ही ओमप्रकाश मिश्रा के मूल मोबाइल नंबर और उनके पेंशन खाते में लिंक नंबर को भी बदलवा दिया गया ताकि किसी भी ट्रांजैक्शन या गतिविधि का पता न चल सके।

    7 अप्रैल 2026 को आरोपी विशाल और रवि बुजुर्ग शिक्षक को डायलिसिस के लिए महमूरगंज के गैलेक्सी हॉस्पिटल ले गए। आरोप है कि डायलिसिस के बाद बुजुर्ग पूरी तरह होश में नहीं थे, इसके बावजूद उन्हें जबरन गंगापुर निबंधन कार्यालय ले जाया गया। वहां तत्कालीन उपनिबंधक अनिल कुमार और लिपिक सत्यांशु सिंह की मिलीभगत से शाम 4:34 से 4:41 बजे के बीच (महज 7 मिनट में) 70 बिस्वा जमीन का बैनामा और दो दानपत्र आरोपियों व उनके करीबियों के नाम दर्ज करा दिए गए। इतना ही नहीं, उसी रात 11:31 से 11:35 बजे के बीच संपत्ति का विक्रय पत्र और एग्रीमेंट भी तैयार करवा लिया गया। रोहनिया इंस्पेक्टर राजू सिंह ने पुष्टि की है कि कोर्ट के निर्देश पर मुकदमा दर्ज कर गहराई से तफ्तीश की जा रही है।

    साजिश के पीछे रसूखदार चेहरे, नकाबपोशों द्वारा रेकी किए जाने का आरोप

    अदालत में दाखिल शिकायत के अनुसार, इस पूरी साजिश में मोहनसराय के विशाल मिश्रा, रवि उपाध्याय, दरेखूं के वरुणापति उपाध्याय, प्रवीण कुमार सिंह, यमुना अपार्टमेंट के नितेश राय, छित्तूपुर निवासी भाजपा जिला उपाध्यक्ष सुरेश कुमार सिंह, अजय कुमार तिवारी, प्रशांत कुमार सिंह सहित रजिस्ट्री दफ्तर के अधिकारी-कर्मचारी शामिल हैं। प्रमिला मिश्रा ने कोर्ट को यह भी बताया कि रिपोर्ट दर्ज कराने के प्रयास के दौरान उन्हें लगातार धमकियां दी गईं और कुछ नकाबपोश युवक उनके घर की रेकी कर रहे हैं।

    मामले पर प्रतिक्रियाएं:

    "अदालत के आदेश पर मोहनसराय में जमीन हड़पने के गंभीर मामले में 10 लोगों पर प्राथमिकी लिखी गई है। मामले की निष्पक्ष जांच कराई जा रही है।" — अवधेश विश्वकर्मा, एसीपी रोहनिया

    "बुजुर्ग ने खुद कोर्ट जाकर अपने भतीजे को जमीन दान में दी थी। मैंने उसी भतीजे से नियमानुसार कागजात देखकर जमीन खरीदी है। सारी प्रक्रिया वैध है, अगर कोई तकनीकी या कानूनी गलती है तो उसके लिए उनका भतीजा जिम्मेदार है।" — सुरेश कुमार सिंह, जिला उपाध्यक्ष, भाजपा

    "यह घटना दर्शाती है कि सत्ता के रसूख में किस तरह की जालसाजी को अंजाम दिया जा रहा है। सरकारी तंत्र का दुरुपयोग कर बुजुर्गों की जमीन हड़पना बेहद निंदनीय है, जनता इसका जवाब देगी।" — अजय राय, प्रदेश अध्यक्ष, कांग्रेस

    वाराणसी में ही एक और बुजुर्ग की जमीन कब्जाने का प्रयास, वकीलों पर लोहे की रॉड से हमला, 5 पर FIR

    वाराणसी के ही शिवपुर थाना अंतर्गत खुशहाल नगर में एक अन्य बुजुर्ग महिला सत्यभामा सिंह की जमीन की बाउंड्रीवॉल ढहाने और उस पर अवैध कब्जा करने का मामला सामने आया है। इस घटना का विरोध करने पर आरोपियों ने पीड़ित पक्ष के वकीलों पर लोहे की रॉड से जानलेवा हमला कर दिया, जिसमें तीन अधिवक्ता घायल हो गए। कार्रवाई की मांग को लेकर देर रात तक दर्जनों अधिवक्ताओं का दल शिवपुर थाने में डटा रहा, जिसके बाद पुलिस ने चार नामजद और एक अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किया।

    बार एसोसिएशन के वकील आशुतोष रघुवंशी ने पुलिस को तहरीर देकर बताया कि 7 जुलाई को उनकी नानी सत्यभामा सिंह की जमीन पर ऋषिकांत सिंह, जिलेदार सिंह, रामगोपाल सिंह, अनुपम सिंह उर्फ मोंटी और उनके साथी अवैध निर्माण ढहा रहे थे। जब वे अपने साथी वकीलों विनय कुमार सिंह, धीरज सिंह और प्रतीक सिंह के साथ मौके पर पहुंचे, तो आरोपियों ने गाली-गलौज करते हुए उन पर जानलेवा हमला कर दिया। शिवपुर इंस्पेक्टर अजीत कुमार वर्मा ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में केस दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

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