जयपुर: मनोहरपुर-दौसा हाईवे स्थित नेकोवाला टोल प्लाजा पर पहचान पत्र मांगने की बात को लेकर स्थानीय विधायक और टोल कर्मचारियों के बीच एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया। इस घटना की जानकारी मिलते ही रायसर थाना पुलिस तुरंत हरकत में आई और मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए दोनों पक्षों से लंबी बातचीत की, जिसके बाद टोल मैनेजर को समझाइश देकर छोड़ दिया गया जबकि एक टोल कर्मचारी के खिलाफ शांतिभंग की धाराओं में कानूनी कार्रवाई की गई।
पहचान पत्र मांगने पर बढ़ा दोनों पक्षों का विवाद
पुलिस विभाग से मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार रविवार दोपहर को क्षेत्रीय विधायक अपने निजी वाहन से टोल प्लाजा से गुजर रहे थे। इसी दौरान वहां ड्यूटी पर तैनात एक टोलकर्मी ने नियमानुसार पहचान सत्यापित करने के लिए उनसे उनका आईडी कार्ड दिखाने का अनुरोध किया। इसी साधारण सी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच बहस शुरू हो गई जो देखते ही देखते काफी बढ़ गई। विवाद की लिखित शिकायत मिलने के बाद पुलिस बल मौके पर पहुंचा और संबंधित टोलकर्मी तथा टोल मैनेजर को आवश्यक पूछताछ के लिए अपने साथ थाने ले गया।
एनएचएआई के कड़े नियमों का हवाला देकर दी सफाई
इस पूरे घटनाक्रम पर नेकोवाला टोल प्लाजा के महाप्रबंधक बीरभान ने प्रबंधन का पक्ष रखते हुए बताया कि कर्मचारियों ने केवल नियमों के तहत पहचान की पुष्टि के लिए आईडी कार्ड की मांग की थी। उनके अनुसार नेशनल हाईवेज अथॉरिटी ऑफ इंडिया के स्पष्ट दिशा-निर्देशों के तहत टोल शुल्क में छूट पाने वाले सभी पात्र व्यक्तियों से आवश्यकता पड़ने पर पहचान पत्र मांगना एक अनिवार्य और नियमित प्रक्रिया है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कई बार वाहनों पर विधायक या अन्य जनप्रतिनिधियों के नाम की फर्जी पट्टियां लगाकर अवैध तरीके से टोल छूट लेने के प्रयास भी सामने आते हैं, जिसके कारण पहचान का सत्यापन करना बेहद जरूरी हो जाता है।
पुलिस प्रशासन ने की एक कर्मचारी पर बड़ी कार्रवाई
रायसर थाना प्रभारी राजपाल सिंह ने मामले की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि विधायक की तरफ से आई शिकायत पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर कानून व्यवस्था को बिगड़ने से रोका। थाने में दोनों पक्षों से गहन पूछताछ करने के बाद टोल मैनेजर को भविष्य में सावधानी बरतने की समझाइश देकर घर भेज दिया गया, लेकिन ड्यूटी पर मौजूद संबंधित टोलकर्मी के अड़ियल रवैये को देखते हुए उसके खिलाफ शांतिभंग की धारा के तहत मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की गई है।
हाईवे पर सुरक्षा और नियमों को लेकर पुलिस की जांच जारी
इस विवाद के बाद हाईवे और टोल प्लाजा के आसपास सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा कर दिया गया है ताकि भविष्य में ऐसी किसी अप्रिय स्थिति से बचा जा सके। पुलिस प्रशासन का कहना है कि वीआईपी मूवमेंट और टोल नियमों के बीच संतुलन बनाए रखने के लिए गाइडलाइंस का पालन होना जरूरी है। फिलहाल पुलिस इस पूरे मामले की हर पहलू से बारीकी से जांच कर रही है और नियमानुसार आगे की विधिक कार्रवाई को अंजाम दिया जा रहा है ताकि क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनी रहे।


