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    भीख मांगने वाली नाबालिग से तीन बार दुष्कर्म, रायगढ़ की घटना ने झकझोरा

    रायगढ़: छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक नगरी कहे जाने वाले रायगढ़ जिला मुख्यालय से एक ऐसी खौफनाक और मानवता को झकझोर देने वाली आपराधिक वारदात सामने आई है, जिसने पूरे शहर को आक्रोश से भर दिया है। यहाँ के एक वीरान पड़े सरकारी/राजनैतिक परिसर के भीतर अपनी लाचार मां के साथ भीख मांगकर और कचरा बीनकर बमुश्किल अपना पेट पालने वाली एक बेसहारा नाबालिग बच्ची को हवस का शिकार बनाया गया है। इस घिनौने कृत्य की भनक जैसे ही आसपास के मोहल्लेवासियों और स्थानीय नागरिकों को लगी, उनका गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया।

    उत्तेजित और आक्रोशित भीड़ ने कानून को हाथ में लेने के बजाय पहले आरोपी को घेराबंदी करके दबोचा, उसकी जमकर धुनाई की और फिर उसे घसीटते हुए स्थानीय पुलिस के हवाले कर दिया। इस बेहद संवेदनशील और संगीन मामले की सूचना मिलते ही पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी तुरंत हरकत में आए और त्वरित कार्रवाई करते हुए पीड़िता को सुरक्षा दी तथा आरोपी को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया।

    लंबे समय से खंडहर पड़े जिला कांग्रेस कमेटी के निर्माणाधीन भवन में दिया वारदात को अंजाम

    यह पूरी दर्दनाक और शर्मनाक घटना सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले दरोगापारा इलाके की है। प्राप्त जानकारी के अनुसार:

    • अपराध का अड्डा बना खंडहर: दरोगापारा में स्थित महिला थाने से कुछ ही दूरी पर जिला कांग्रेस कमेटी के नए कार्यालय (भवन) का निर्माण कार्य चल रहा था, जो किन्हीं कारणों से पिछले एक लंबे समय से पूरी तरह से अधूरा और वीरान पड़ा हुआ है। इस आधे-अधूरे और सुनसान पड़े खंडहर भवन में सुरक्षा का कोई इंतजाम नहीं होने के कारण यहाँ शहर के अत्यंत गरीब, कचरा बीनने वाले और भीख मांगकर जीवन यापन करने वाले बेघर लोग रात गुजारने के लिए शरण लेते हैं।

    • डरा-धमकाकर ले गया था आरोपी: इसी खंडहर परिसर में अपनी बेबस मां के साथ रहने वाली एक मासूम नाबालिग बच्ची पर दरोगापारा के ही एक शातिर बदमाश लफ्फू उर्फ विजय सारथी की गंदी नजर थी। बताया जा रहा है कि करीब तीन दिन पहले आरोपी ने सूनेपन का फायदा उठाया और नाबालिग बच्ची को डरा-धमकाकर और जान से मारने की धमकी देकर जबरन अपने साथ खींचकर ले गया। वहां उसने मासूम की बेबसी का फायदा उठाते हुए उसके साथ बर्बरतापूर्वक दुष्कर्म (बलात्कार) की वारदात को अंजाम दिया। आरोपी ने बच्ची को इस कदर डरा दिया था कि अगर उसने इस बारे में अपनी मां या किसी और को बताया, तो वह उसकी मां को जान से मार डालेगा।

    एक बार नहीं, बल्कि तीन बार किया गलत काम; विरोध करने पर मासूम को बेरहमी से पीटा

    इस मामले में पुलिसिया जांच और स्थानीय लोगों के बयानों से जो बातें निकलकर सामने आ रही हैं, वे दिल दहला देने वाली हैं। यह मासूम बच्ची केवल एक बार नहीं, बल्कि कई बार इस दरिंदे के जुल्म का शिकार हो चुकी थी:

    • तीसरी बार की हैवानियत: स्थानीय लोगों के अनुसार, आरोपी लफ्फू उर्फ विजय सारथी भीख मांगकर गुजर-बसर करने वाली इस लाचार पीड़िता के साथ पहले भी अलग-अलग समय पर दो बार इस घिनौनी वारदात को अंजाम दे चुका था। लोकलाज और डर के कारण बच्ची चुप रही।

    • पिटाई के बाद खुला राज: दो दिन पहले जब आरोपी ने फिर से उसके साथ गलत काम करने की कोशिश की, तो इस बार मासूम बच्ची ने पूरी ताकत से उसका विरोध किया और चिल्लाने का प्रयास किया। इस बात से बौखलाए आरोपी ने मासूम बच्ची की बेरहमी से पिटाई कर दी, जिससे वह लहूलुहान हो गई। बच्ची की रोने की आवाज और शरीर पर चोट के निशान देखकर जब उसकी मां और मोहल्ले के लोगों ने कड़ाई से पूछताछ की, तो पीड़िता ने रोते हुए अपने हाथ की उंगलियों के इशारे से इशारों-इशारों में बताया कि यह दरिंदा उसके साथ अब तक तीन बार यह घिनौना और गलत काम कर चुका है।

    महिला थाना पुलिस ने पॉक्सो एक्ट के तहत दर्ज किया मामला; कोर्ट के आदेश पर आरोपी को जेल की सलाखों में भेजा

    जैसे ही इस महापाप का घड़ा फूटा, दरोगापारा और बुढ़माई मंदिर के पास रहने वाले स्थानीय नागरिकों का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने आरोपी लफ्फू उर्फ विजय सारथी (उम्र 38 वर्ष) को उसके घर के पास से ही दबोच लिया और कानून का पाठ पढ़ाते हुए उसकी जमकर मरम्मत की, जिसके बाद उसे कोतवाली पुलिस के सुपुर्द किया गया।

    घटना की गंभीरता को देखते हुए पीड़िता की मां की लिखित शिकायत पर महिला थाना पुलिस ने बिना एक पल गंवाए आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी धाराओं और 'पॉक्सो अधिनियम' (Protection of Children from Sexual Offences – POCSO Act) के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सोमवार को आरोपी को कड़े सुरक्षा घेरे में स्थानीय न्यायालय (कोर्ट) में पेश किया। माननीय न्यायाधीश ने मामले की गंभीरता और जनता के आक्रोश को देखते हुए आरोपी की जमानत अर्जी को खारिज करते हुए उसे न्यायिक रिमांड पर सीधे जेल भेजने का आदेश जारी कर दिया। वर्तमान में पुलिस की विशेष टीम पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराने के साथ-साथ मामले के हर एक कानूनी और संवेदनशील पहलू की बहुत ही बारीकी से तफ्तीश कर रही है ताकि आरोपी को अदालत से कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जा सके।

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