मुंबई। घरेलू शेयर बाजार में बुधवार सुबह के कारोबारी सत्र में शानदार रिकवरी देखने को मिली है, जहां प्रमुख इंडेक्स मजबूत बढ़त के साथ कारोबार कर रहे हैं। बैंकिंग, वाहन (ऑटो), और तेल एवं गैस क्षेत्र के शेयरों में आई जोरदार लिवाली ने बाजार को निचले स्तरों से उबारने में अहम भूमिका निभाई है। मुख्य सूचकांकों के साथ-साथ आज छोटे और मझोले (स्मॉलकैप व मिडकैप) शेयरों में भी निवेशकों की तरफ से अच्छी खरीदारी देखी जा रही है, जिससे बाजार का सेंटिमेंट पूरी तरह सकारात्मक बना हुआ है।
प्रमुख सूचकांकों में आई जोरदार तेजी
शुरुआती कारोबार के दौरान बंबई स्टॉक एक्सचेंज का संवेदी सूचकांक सेंसेक्स करीब 486 अंकों की उछाल के साथ 77,541 के स्तर पर पहुंच गया, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी लगभग 148 अंकों की बढ़त दर्ज करते हुए 24,200 के मनोवैज्ञानिक स्तर को पार करने में सफल रहा। बाजार में चौतरफा खरीदारी के चलते एनएसई के सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के बैंकों, ऑटोमोबाइल और ऊर्जा क्षेत्र के इंडेक्स में सबसे ज्यादा मजबूती देखी जा रही है। हालांकि, इस तेजी के बीच सूचना प्रौद्योगिकी (IT) क्षेत्र के शेयरों पर हल्का दबाव बना हुआ है, लेकिन स्मॉलकैप इंडेक्स बेंचमार्क के मुकाबले कहीं बेहतर प्रदर्शन कर रहा है।
पश्चिम एशिया संकट और क्रूड का बाजार पर असर
बाजार के जानकारों का मानना है कि पिछले सत्रों में पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और उसके कारण कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) की कीमतों में आए उछाल की वजह से भारतीय बाजारों पर काफी दबाव देखा गया था। क्रूड की बढ़ती कीमतों ने विशेष रूप से बैंकिंग और वित्तीय सेवा क्षेत्र के शेयरों को प्रभावित किया था। मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए तकनीकी विश्लेषकों का कहना है कि निफ्टी के लिए निचला स्तर एक बेहद मजबूत सपोर्ट जोन का काम कर रहा है, और जब तक यह स्तर सुरक्षित है, तब तक हर बड़ी गिरावट को निवेशकों द्वारा खरीदारी के बेहतरीन अवसर के रूप में देखा जाना चाहिए।
सुरक्षित दांव के रूप में फार्मा सेक्टर पर भरोसा
वैश्विक अनिश्चितताओं के इस दौर में बाजार विशेषज्ञ अब रक्षात्मक (डिफेंसिव) सेक्टर्स की तरफ रुख करने की सलाह दे रहे हैं, जिनमें दवा (फार्मा) क्षेत्र सबसे प्रमुख बनकर उभरा है। वैश्विक तनाव और कच्चे तेल की अस्थिरता के बावजूद फार्मा कंपनियों के शेयरों ने चार्ट पर बेहद मजबूत प्रदर्शन दिखाया है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस सेक्टर की दिग्गज कंपनियों में दो दिनों के आंशिक ठहराव के बाद एक बार फिर से तेजी के स्पष्ट संकेत मिल रहे हैं, जिसके चलते निवेशक इसे एक सुरक्षित और बेहतर रिटर्न देने वाले विकल्प के रूप में देख रहे हैं और गिरावट पर इसमें दांव लगा रहे हैं।


