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    Homeराज्यबिहार'DM मैडम जवाब दें'—भागलपुर हवाई अड्डा विवाद पर लोगों का फूटा गुस्सा

    ‘DM मैडम जवाब दें’—भागलपुर हवाई अड्डा विवाद पर लोगों का फूटा गुस्सा

    भागलपुर:भागलपुर हवाई अड्डा परिसर के भीतर पायलट प्रशिक्षण केंद्र (पायलट ट्रेनिंग सेंटर) स्थापित करने के सरकारी निर्णय के विरोध में स्थानीय निवासियों का भारी आक्रोश सामने आया है। नगर निगम द्वारा हवाई अड्डा क्षेत्र के निवासियों को आनन-फानन में बेदखली के नोटिस जारी किए जाने से प्रभावित परिवारों में भारी नाराजगी है। इसी सिलसिले में आज सैकड़ों की संख्या में प्रभावित लोग कलेक्ट्रेट परिसर पहुंचे और जिला प्रशासन के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन करते हुए अपनी जमीनों और आशियाने को बचाने की गुहार लगाई।

    जिलाधिकारी से सीधे जवाब की मांग, आशियाने उजाड़ने पर खड़े किए सवाल

    आक्रोशित ग्रामीणों ने सीधे जिलाधिकारी अलंकृता पांडेय से इस कार्रवाई पर जवाब मांगते हुए तीखे सवाल खड़े किए हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि किसी भी विकास परियोजना या पायलट ट्रेनिंग सेंटर की स्थापना के नाम पर गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के वर्षों पुराने मकानों और आशियानों की बलि नहीं दी जा सकती। स्थानीय लोगों ने प्रशासनिक संवेदनशीलता पर सवाल उठाते हुए पूछा है कि जनता को बेघर करके किया जाने वाला विकास आखिर समाज के किस वर्ग के हित में है।

    प्रमंडलीय आयुक्त और डीएम को सौंपा गया संयुक्त महा-ज्ञापन

    इस आंदोलन और जन-विरोध का नेतृत्व कर रही संघर्ष समिति के प्रमुख मुकेश मिश्रा और अन्य पीड़ितों ने प्रमंडलीय आयुक्त तथा जिलाधिकारी को एक संयुक्त महा-ज्ञापन सौंपा है। इस ज्ञापन के माध्यम से स्थानीय जनता ने नगर निगम द्वारा जारी किए जा रहे नोटिसों और प्रशासन की इस एकतरफा कार्रवाई पर तत्काल प्रभाव से पूरी तरह रोक लगाने की पुरजोर मांग की है। प्रभावित लोगों का कहना है कि जब तक उनकी समस्याओं का समाधान नहीं होता, तब तक यह दमनकारी प्रक्रिया रुकनी चाहिए।

    विकास का विरोध नहीं, लेकिन स्थानीय निवासियों के हितों की रक्षा जरूरी

    संघर्ष समिति के प्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया है कि वे भागलपुर शहर के आधुनिक विकास, हवाई सेवाओं के विस्तार या तकनीकी केंद्रों की स्थापना के कतई विरोधी नहीं हैं। उनका तर्क है कि प्रशासन को कोई भी बड़ा कदम उठाने या योजना लागू करने से पहले इस घनी आबादी वाले क्षेत्र में रह रहे हजारों नागरिकों के हितों, उनकी सामाजिक स्थिति और उनके वैध भू-स्वामित्व के कागजातों की निष्पक्ष जांच करनी चाहिए, ताकि किसी भी निर्दोष का आशियाना न उजड़े।

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