More
    Homeदुनियारणनीतिक कमजोरी? 'डेड मैन्स स्विच' तकनीक में अमेरिका पिछड़ा

    रणनीतिक कमजोरी? ‘डेड मैन्स स्विच’ तकनीक में अमेरिका पिछड़ा

    वाशिंगटन / तेहरान: अमेरिका और ईरान के बीच गहराता भू-राजनीतिक टकराव अब एक बेहद संवेदनशील और खतरनाक दौर में पहुंच गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस बात की ओर इशारा किया है कि उन्होंने रक्षा बलों को एक अपरिवर्तनीय और सख्त हिदायत दे रखी है कि यदि तेहरान प्रशासन उनकी हत्या करने की अपनी पुरानी धमकियों को हकीकत में बदलने की कोशिश करता है, तो ईरान को ऐसे भीषण विनाश का सामना करना पड़ेगा जिसकी कल्पना उसने कभी नहीं की होगी। हालांकि, रणनीतिक और तकनीकी तौर पर अमेरिकी प्रशासन के पास ऐसा कोई मैकेनिज्म नहीं है जिससे एक स्वचालित और पूर्व-स्वीकृत ‘डेड मैन्स स्विच’ एक्टिव किया जा सके, जो राष्ट्रपति की अनुपस्थिति में खुद-ब-खुद जवाबी सैन्य कार्रवाई को अंजाम दे दे।

    व्हाइट हाउस की ओर से फिलहाल इस बात का कोई त्वरित स्पष्टीकरण नहीं आया है कि यदि ट्रंप के साथ कोई अनहोनी होती है, तो उनके द्वारा पूर्व में दिए गए इन सैन्य निर्देशों की कानूनी और व्यावहारिक स्थिति क्या होगी। वास्तविक नियमों के अनुसार, यदि राष्ट्रपति की हत्या जैसी अत्यंत विषम परिस्थिति पैदा होती है, तो अमेरिकी संविधान के 25वें संशोधन और वर्ष 1947 के राष्ट्रपति उत्तराधिकार अधिनियम के प्रावधानों के तहत बेहद व्यवस्थित ढंग से सत्ता का हस्तांतरण किया जाएगा। इसके अंतर्गत उपराष्ट्रपति जेडी वेंस तत्काल प्रभाव से देश के नए सर्वोच्च कमांडर (कमांडर-इन-चीफ) की जिम्मेदारी संभालेंगे और किसी भी प्रकार की सैन्य जवाबी कार्रवाई का अंतिम और पूर्ण अधिकार उनके हाथों में सुरक्षित हो जाएगा।

    उत्तराधिकारी के विवेक पर निर्भर करेगी सैन्य कार्रवाई

    ऐसी अभूतपूर्व स्थिति उत्पन्न होने पर यह पूरी तरह नवनियुक्त राष्ट्रपति जेडी वेंस के विवेक पर निर्भर करेगा कि वह डोनाल्ड ट्रंप द्वारा तय किए गए आक्रामक रास्ते पर आगे बढ़ते हैं या फिर अपने पूर्ववर्ती के कठोर आदेशों को दरकिनार कर एक बिल्कुल भिन्न और कूटनीतिक नीति अपनाने का फैसला करते हैं। अमेरिकी मामलों के विश्लेषकों और लेखकों का मानना है कि संयुक्त राज्य अमेरिका ने कई तकनीकी, नैतिक और रणनीतिक वजहों से कभी भी किसी मैकेनिकल या डिजिटल 'डेड मैन्स स्विच' व्यवस्था को स्वीकार नहीं किया है। अमेरिका के पास परमाणु युद्ध या किसी बड़े राष्ट्रीय संकट के समय सरकार के संचालन को निर्बाध रूप से जारी रखने के लिए पहले से ही बेहद मजबूत और गोपनीय आकस्मिक योजनाएं (कंटीन्यूटी ऑफ गवर्नमेंट) हमेशा बैकअप में तैयार रहती हैं।

    ट्रंप का 'लॉक एंड लोड' मिसाइलों का खुला एलान

    इस बीच, डोनाल्ड ट्रंप ने एक के बाद एक सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए सीधे तेहरान को ललकारा है। उन्होंने दावा किया कि ईरान वैश्विक स्तर पर उनकी हत्या करने या उसके लिए साजिश रचने की लगातार साजिशें रच रहा है। ट्रंप ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि अमेरिका की 1,000 मिसाइलें इस वक्त पूरी तरह 'लॉक एंड लोड' मोड में सीधे ईरान की दिशा में तान दी गई हैं। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि यदि ईरान सरकार ने अपने नापाक इरादों को जमीन पर उतारने का जरा सा भी प्रयास किया, तो इन 1,000 मिसाइलों के तुरंत दागने के बाद, बिना किसी देरी के हजारों अन्य मिसाइलें भी ईरान के मुख्य ठिकानों को मटियामेट करने के लिए छोड़ दी जाएंगी।

    मोजतबा खामेनेई का प्रतिशोध जारी रखने का संकल्प

    अमेरिकी राष्ट्रपति की इस खुली और बेहद आक्रामक धमकी के चंद घंटों के भीतर ही ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने नेशनल टेलीविजन पर आकर सीधे वाशिंगटन को चुनौती दी। मोजतबा खामेनेई ने अपने दिवंगत पिता अयातुल्ला अली खामेनेई की पूर्व में हुई हत्या का स्पष्ट संदर्भ देते हुए संकल्प लिया कि ईरानी आवाम अपने सर्वोच्च नेता की शहादत का प्रतिशोध लेना कभी बंद नहीं करेगी। उन्होंने बेहद तल्ख लहजे में कहा कि वे देश के लिए शहीद हुए सभी बहादुरों और अपने नेता के पवित्र खून की एक-एक बूंद का बदला उन निंदनीय और पापी हत्यारों से हर कीमत पर लेकर रहेंगे। गौरतलब है कि हाल ही में संपन्न हुए खामेनेई के अंतिम संस्कार कार्यक्रमों के दौरान भी शोक संतप्त जनसैलाब के हाथों में बड़े पैमाने पर ऐसे बैनर और पोस्टर देखे गए थे, जिनमें सीधे तौर पर ट्रंप और इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को जान से मारने की धमकियां लिखी हुई थीं।

    latest articles

    explore more

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here