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    Homeदुनियाबिलावल भुट्टो की भारत को गीदड़भभकी, एक और जंग लड़ने को तैयार 

    बिलावल भुट्टो की भारत को गीदड़भभकी, एक और जंग लड़ने को तैयार 

    इस्लामाबाद। पाकिस्तान के पूर्व विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो जरदारी ने सिंधु जल समझौते पर भारत को गीदड़भभकी दी है। पाकिस्तान की संसद में भुट्टो ने कहा कि इस समझौते को यदि भारत ने लागू नहीं किया, तब हम एक और जंग को तैयार हैं। पूर्व विदेश मंत्री भुट्टो ने ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान को पहुंची गहरी चोट पर भी झूठ बोलकर कहा कि पाकिस्तान ने इस जंग में जीत हासिल की है। इसके साथ ही बिलावल ने कहा कि हम सिंधु समझौते के लिए जंग को तैयार हैं और भारत से वे तीन नदियां भी छीन लेने वाले हैं, जिनका पानी इस्तेमाल करने की परमिशन उन्हें है।
    भुट्टो जरदारी ने कहा,भारत ने कहा कि सिंधु समझौता खत्म हो गया है। उन्होंने समझौते को होल्ड पर डाल दिया है, लेकिन यह गैर-कानूनी है। सिंधु जल समझौता वर्ल्ड बैंक ने कराया था और उस पर धमकी देना संयुक्त राष्ट्र के चार्टर के खिलाफ है और भारत समझौते को खत्म नहीं कर सकता। यदि फिर भी भारत ने समझौते को खत्म किया, फिर हम एक जंग और लड़ने को तैयार है। उस जंग के नतीजे में हम भारत से वे तीन नदियां भी छीन लेने वाले हैं जो भारत के पास हैं। फिर हमारे पास तीन नदियों का नहीं बल्कि 6 नदियों का पानी रहेगा।
    पाकिस्तानी नेता ने कहा कि यदि हमें जंग के लिए मजबूर किया गया, तब फिर हम जानते हैं कि हमारी एयरफोर्स और सेना बहुत मजबूत है। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि भारत के सामने दो विकल्प हैं, या  वे सिंधु जल समझौते को मान लें और अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुसार अमल करें। यदि वह नहीं मानते हैं और सिंधु के पानी पर बांध या नहरें बनाते हैं, तब फिर पाकिस्तान जंग करेगा और हम 6 नदियों का पानी अपनी अवाम को दिलाएंगे। भारत ने यह कोशिश की है कि दहशतगर्दी का इल्जाम पाकिस्तान पर लगा दे। इस मामले में भी भारत हार गया है।
    उन्होंने कहा कि भारत की कोशिश थी कि पाकिस्तान को एक आंतकी देश घोषित किया जाए। पाकिस्तान का नाम टेररिस्तान हो जाए। वे कई अंतरराष्ट्रीय मंचों पर पाकिस्तान को नुकसान पहुंचाया जाए और उन्हें आईएमएफ से हमारा लोन भी रुकवाने की कोशिश की, लेकिन अंत में पाकिस्तान ही जीता। अमेरिका में भारत और इजरायल की लॉबी ने पाकिस्तान को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की। वहां भी पाकिस्तान के खिलाफ मंसूबे कामयाब नहीं हुए। 

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